Home राज्य परीक्षा रद्द होने के बाद भी अड़े छात्र, CBI जांच की मांग...

परीक्षा रद्द होने के बाद भी अड़े छात्र, CBI जांच की मांग जारी

1
0
Jeevan Ayurveda

रांची
JPSC-JSSC परीक्षा विवाद को लेकर राजधानी रांची में पिछले 25 दिनों से चल रहे छात्र आंदोलन के बीच सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच बातचीत का रास्ता खुला है।

परीक्षा रद करने से संबंधित अधिसूचना जारी होने के बाद छात्रों ने आंदोलन समाप्त करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी छात्रों और सरकार के बीच संवाद का स्वागत करते हुए इसे समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।

Ad

    झारखंड के छात्रों और राज्य सरकार के बीच सहमति बनी, और छात्रों ने अपनी भूख हड़ताल समाप्त की – यह ख़बर सुनकर बहुत खुशी हुई।

    मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी और झारखंड सरकार ने बातचीत का रास्ता चुना, और समाधान निकाला। छात्रों ने संयम रखा, और अपनी बात मनवाई।

जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच के बैनर तले जयपाल सिंह स्टेडियम में आंदोलन कर रहे छात्रों की प्रमुख मांगों में रद की गई परीक्षाओं की सीबीआई के अलावा अब हाई कोर्ट के पांच सिटिंग जजों की बेंच से जांच कराने की मांग भी शामिल है। छात्रों का कहना है कि उनकी यह अंतिम मांग पूरी होने के साथ ही वे आंदोलन वापस ले लेंगे।

कोर कमेटी की बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस
झारखंड सरकार की ओर से परीक्षा रद्द किए जाने को लेकर जारी अधिसूचना पर छात्र नेता रविंद्र पासवान ने कहा कि आज उनके आंदोलन का 26वां दिन है। सरकार ने बुधवार को परीक्षा रद्द करने को लेकर अधिसूचना जारी की थी, जिसका छात्रों ने अध्ययन किया है। उन्होंने बताया कि आज सुबह 10 बजे आंदोलन की कोर कमेटी की बैठक होगी, जिसमें आगे की रणनीति पर चर्चा की जाएगी।

उन्होंने कहा कि सरकार की अधिसूचना में न्यायिक जांच का उल्लेख किया गया है, लेकिन उसके प्रावधान पूरी तरह स्पष्ट नहीं हैं। सरकार की ओर से प्रस्तावित न्यायिक जांच सेवानिवृत्त हाई कोर्ट के न्यायाधीश की अध्यक्षता में कराने की बात कही गई है। रविंद्र पासवान ने कहा कि परीक्षा रद्द करने से जुड़ी छात्रों की सभी मांगें सरकार ने मान ली हैं, लेकिन उनकी मुख्य मांग अब जांच को लेकर है।

यदि सरकार मामले की जांच CBI को सौंपने में सक्षम नहीं है, तो छात्रों की मांग है कि जांच किसी सेवारत न्यायाधीश की निगरानी में कराई जाए। इसी मुद्दे पर आज की कोर कमेटी बैठक में विशेष रूप से चर्चा होगी। बैठक में लिए गए निर्णय की जानकारी छात्रों की ओर से प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से दी जाएगी

सीबीआई जांच की मांग पर अड़े छात्र
छात्रों का कहना है कि परीक्षा एवं नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है। आंदोलनकारी छात्रों ने आरोप लगाया कि परीक्षा से जुड़े मामलों में अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की शिकायतों की जांच होनी चाहिए। उनका कहना है कि जांच में दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई के साथ गलत तरीके से परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों की भी पहचान होनी चाहिए।

सीएम ने चुना बातचीत का रास्ता
राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व में छात्रों और सरकार के बीच बातचीत हुई है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने छात्रों की बात सुनी और सरकार की ओर से समाधान का रास्ता निकाला। छात्रों ने भी संयम बनाए रखते हुए अपनी बात रखी। इस पहल को आंदोलन के समाधान की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

वहीं, आंदोलन के बीच जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच से जुड़े छात्र मामले की सीबीआई जांच की मांग को लेकर अब भी अपनी बात पर कायम हैं। छात्रों का कहना है कि उन्हें केवल आश्वासन नहीं, बल्कि निष्पक्ष जांच और कार्रवाई का ठोस भरोसा चाहिए।

अलग-अलग मुद्दों को लेकर आंदोलन तेज
परीक्षा विवाद को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों के साथ विभिन्न विभागों में कार्यरत अभ्यर्थियों की ओर से परीक्षा और नियुक्तियों को रद करने के विरोध में भी आवाज उठाई गई है। वहीं, कुछ अभ्यर्थी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। ऐसे में आंदोलन से जुड़े अलग-अलग मुद्दों के बीच सरकार के साथ बातचीत को समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

 

Jeevan Ayurveda Clinic

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here