मुंबई
डच क्रूज जहाज MV Hondius पर हंतावायरस (Hantavirus) फैलने की खबर ने दुनिया को चिंता में डाल दिया है. इस जहाज पर कुल 149 लोग फंसे हुए हैं. मिल रही खबरों के मुताबिक इनमें से दो भारतीय क्रू मेंबर भी शामिल हैं. जहाज को ओशियनवाइड एक्सपडिशंस कंपनी चलाती है. यह फिलहाल अफ्रीका के केप वर्डे के पास लंगर डाले खड़ा है. जहाज पर हंतावायरस फैलने से अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है. मरने वालों में एक डच दंपती और एक जर्मन यात्री शामिल हैं. एक गंभीर रूप से बीमार यात्री को इलाज के लिए साउथ अफ्रीका भेजा गया है. बाकी संक्रमितों का इलाज और निगरानी चल रही है।
अब कंपनी ने यात्रियों और क्रू की राष्ट्रीयता की सूची जारी की है, जिसमें कुल 23 के लोग शामिल हैं. पहले इतनी डिटेल जानकारी नहीं मिली थी लेकिन डिटेल्स मिलने के बाद पता चला है कि भारत के दो क्रू मेंबर भी इस सूची में हैं. हालांकि उनके नाम, पद और स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी नहीं दी गई है. WHO और स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारी स्थिति पर नजर रखे हुए हैं. फिलहाल जहाज पर सभी लोगों को आइसोलेशन और सतर्कता बरतने को कहा गया है. भारतीय दूतावास की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी नहीं आई है, लेकिन दो भारतीय क्रू सदस्यों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है।
कब क्रूज में मिला हंतावायरस?
दरअसल जहाज अर्जेंटीना से अंटार्कटिका की यात्रा पर निकला था और कैनरी द्वीपों की ओर जा रहा था. विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक 2 मई को पहली बार हंतावायरस के लक्षण सामने आए. जांच में पता चला कि संक्रमण शायद जहाज पर चढ़ने से पहले अर्जेंटीना या चिली में हुआ होगा।
क्या है हंतावायरस?
हंतावायरस एक दुर्लभ लेकिन खतरनाक वायरस है, जो मुख्य रूप से चूहों के मूत्र, लार या मल से फैलता है. इस बार हंतावायरस की एंडस वायरस स्ट्रेन पाई गई है, जो कभी-कभी इंसान से इंसान में भी फैल सकता है।
कैसे हुई क्रूज पर वायरस की पहचान?
जहाज पर पहले मौत होने के बाद भी कई दिनों तक यात्री सामान्य गतिविधियां करते रहे- खाना खाना, घूमना-फिरना सब जारी रहा. बाद में स्थिति बिगड़ने पर अलर्ट जारी किया गया. अभी जहाज के पास कई देशों की स्वास्थ्य एजेंसियां सक्रिय हैं. जिन यात्रियों को पहले उतारा गया था, उनकी भी ट्रेसिंग की जा रही है।
डब्ल्यूएचओ की मानें तो हंता वायरस कोविड जितनी तेजी से नहीं फैलता है और लोगों को इसका ज्यादा खतरा नहीं है.
हंतावायरस के लक्षण क्या-क्या?
हंतावायरस एक गंभीर वायरस है जो मुख्य रूप से चूहों के मूत्र, मल, लार या उनके संपर्क में आए क्षेत्र से फैलता है.
ये लक्षण आमतौर पर फ्लू (इन्फ्लूएंजा) जैसे दिखते हैं और 3 से 5 दिन तक रह सकते हैं.
तेज बुखार और ठंड लगना, बहुत ज्यादा थकान और मांसपेशियों में तेज दर्द इसके लक्षणों में शामिल हैं. खासकर शरीर के निचले हिस्सों और कंधों में दर्द होता है.
सिरदर्द, चक्कर आना, मतली, उल्टी, दस्त और पेट दर्द के साथ-साथ कई बार आंखें लाल हो जाती हैं और रैशेज भी होते हैं.
लक्षण शुरू होने के 4 से 10 दिन बाद अचानक स्थिति बिगड़ सकती है और फिर सांस लेने में तकलीफ होने लगती है. फेफड़ों में पानी भरने लगता है और दिल ठीक से काम नहीं करता. अगर समय पर इलाज न मिले तो 30-40 फीसदी केसेज में मौत हो जाती है.
12 देशों में जारी किया गया अलर्ट
क्रूज शिप पर फैले संक्रमण से जुड़े हंता वायरस के पांच मामले सामने आए हैं, जबकि तीन अन्य मामलों पर अभी भी शक बना हुआ है. गंभीर सांस संबंधी बीमारी के कुल आठ मामले मिले हैं, जिनमें तीन लोगों की मौत हो चुकी है. इनमें से पांच मामलों में एंडीज वायरस संक्रमण की पुष्टि हुई है. डब्ल्यूएचओ ने अब उन 12 देशों को सूचित किया है, जिनके नागरिक यात्रा के दौरान पहले ही दक्षिण अटलांटिक महासागर में स्थित सुदूर ब्रिटिश क्षेत्र सेंट हेलेना में क्रूज जहाज ‘एमवी होंडियस’ से उतर गए थे. इन 12 देशों में कनाडा, डेनमार्क, जर्मनी, नीदरलैंड्स, न्यूजीलैंड, सेंट किट्स एंड नेविस, सिंगापुर, स्वीडन, स्विट्जरलैंड, टर्की, यूनाइटेड किंगडम और यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका शामिल हैं।
भारत के लिए क्यों बढ़ी चिंता?
डब्ल्यूएचओ प्रमुख टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयेसस ने जिनेवा में मीडिया ब्रीफिंग के दौरान कहा कि अगर सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़े कदम तेजी और सही तरीके से उठाए गए, तो फिलहाल एजेंसी को उम्मीद है कि यह संक्रमण सीमित ही रहेगा. हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि कई देशों में यात्रियों और उनके संपर्क में आए लोगों की जांच जारी है, इसलिए आगे और मामले सामने आ सकते हैं. भारत की परेशानी ये है कि उसके भी दो नागरिक इस वायरस के संपर्क में आए हैं, हालांकि अब तक क्रूज की ओर से उनकी स्वास्थ्य रिपोर्ट नहीं दी गई है. डब्ल्यूएचओ ने बताया कि अर्जेंटीना की लैब्स से करीब 2,500 हंतावायरस टेस्ट किट पांच देशों को भेजी जा रही हैं।









