Home राज्य राजनीतिक विवाद: आदिवासी धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर बाबूलाल मरांडी ने...

राजनीतिक विवाद: आदिवासी धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर बाबूलाल मरांडी ने CM हेमंत सोरेन पर लगाए भेदभाव का आरोप

34
0
Jeevan Ayurveda

रांची

 झारखंड प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सरकार पर आदिवासी धर्मस्थलों की सुरक्षा में भेदभाव का गंभीर आरोप लगाया है। मरांडी ने कहा कि सरना स्थल, मसना स्थल, हड़गड़ी और जाहरथान जैसे आदिवासी धार्मिक स्थलों पर लगातार अतिक्रमण और हमले हो रहे हैं, परन्तु सरकार कोई प्रभावी सुरक्षा इंतजाम नहीं कर रही है।

Ad

मरांडी ने सिमडेगा में चर्च की सुरक्षा को लेकर प्रशासन द्वारा ईसाई धर्मगुरुओं के साथ की जा रही बैठकों को भी विवादित बताया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्यों केवल चर्च को विशेष सुरक्षा दी जा रही है और क्या इसका उद्देश्य मतांतरण कराने वाले गिरोहों को संरक्षण देना है। मरांडी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स (पूर्व में ट्विटर) में लिखा कि पिछले कुछ वर्षों में झारखंड में कई जगह संतालों के ज़ाहिर थान, मांझी थान की जमीनों पर कब्जा एवं अतिक्रमण की घटनाएं हुई, विवाद हुआ और ये सब हो रहा है। आदिवासियों के सरना स्थल, मसना स्थल, हड़गड़ी के ज़मीनों के अतिक्रमण का विरोध और सुरक्षा को लेकर लोगों को आये दिन आंदोलन करना पड़ रहा है। झारखंड के मंदिरों पर हमले हुए हैं। मंदिरों पर कहीं बम फेंके गए, कहीं पथराव हुआ, तो कहीं देवी-देवताओं की प्रतिमाएं खंडित की गईं, लेकिन क्या कभी राज्य सरकार ने इनसबों की सुरक्षा को लेकर उन समाज के धर्मगुरुओं के साथ कोई बैठक की? जवाब है, नहीं!  

मरांडी ने कहा कि अब सिमडेगा में चर्च की सुरक्षा के लिए खुद डीसी, एसपी और प्रशासनिक अधिकारी ईसाई धर्मगुरुओं के साथ बैठक करने जा रहे हैं। आखिर चर्च को ही विशेष सुरक्षा की जरूरत क्यों महसूस की जा रही है? क्या यह उन मतांतरण कराने वाले गिरोहों को सुरक्षा देने की तैयारी है, जो ‘चंगाई सभा' के नाम पर भोले-भाले आदिवासियों को धर्मांतरण करा रहे हैं? चर्च की साजिश, ऐसे 'चर्च प्रेमी' अफसरों की कारगुजारी एवं चंगाई सभा में रोग भगाने जैसे अंधविश्वास को बढ़ावा देने के कारण ही सिमडेगा में आज लगभग 51 प्रतिशत आबादी का ईसाई धर्म में मतांतरण हो चुका है। ऐसे में सरकार प्रायोजित इस बैठक के पीछे छिपी मंशा को लेकर लोगों के मन में संदेह है। उन्होंने लिखा है हेमंत सोरेन जेएमएम जी, अगर सुरक्षा व्यवस्था करनी ही है, तो सिर्फ चर्च के लिए क्यों? सरना, मसना, हड़गड़ी स्थल, ज़ाहिर थान, मांझी थान, मंदिर, मस्जिद और गुरुद्वारों की भी सुरक्षा की चिंता क्यों नहीं? सिमडेगा में होने वाली बैठक का मूल एजेंडा सार्वजनिक किया जाए, या फिर सभी धर्म/समाज के प्रतिनिधियों को आमंत्रित कर उनसबों के धर्मस्थलों के सुरक्षा पर चर्चा की जाए।

 

Jeevan Ayurveda Clinic

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here