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महाप्रलय का डर या खगोलीय खतरा? 3 दिन में धरती के पास से गुजरेगा विशालकाय ‘राक्षस’

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काठमांडू

नेपाल में अभी खतरा टला नहीं है. तबाही के बादल अब भी मंडरा रहे हैं. अगले तीन दिनों में एक बार फिर बाढ़ की आहट सुनाई दे रही है. 1200 ओलंपिक पूल जितना बड़ा राक्षस फटने को बेताब है. जी हां, नेपाल और चीन ने हिमालयी क्षेत्र में एक बार फिर बाढ़ आने का खतरा जताया है. दोनों देशों की सीमा के दोनों ओर दो झीलें बन गई हैं. इनके फटने का डर है. आशंका है कि पानी का दबाव बढ़ने पर ये झीलें टूट सकती हैं और बड़े पैमाने पर बाढ़ आ सकती है. यह खतरा ऐसे समय सामने आया है, जब पूरा क्षेत्र इस हफ्ते आई विनाशकारी बाढ़ से अभी उबर भी नहीं पाया है। 

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नेपाल में बुधवार को भयंकर बाढ़ आया. नेपाल और तिब्बत में बचावकर्मी अभी भी जीवित बचे लोगों की तलाश कर रहे हैं. बुधवार को अचानक आई बाढ़ ने घरों को तबाह कर दिया. कई पुल बहा दिए और सड़कों लोगों को पानी में डुबो दिया. नेपाल बाढ़ में मरने वालों की संख्या बढ़कर 392 हो गई है. अभी तक इस तबाही में 1,400 से अधिक लोग लापता हैं। 

नेपाल बाढ़ में क्या अपडेट
नेपाली पुलिस की मानें तो अब तक 389 शव बरामद किए गए हैं, जबकि चीनी अधिकारियों ने तिब्बत में तीन मौतों और कम से कम 558 लोगों के लापता होने की जानकारी दी है. दोनों देशों ने इस आपदा को ग्लेशियर के टूटने से जोड़ा है. बताया गया कि ग्लेशियर के टूटने के बाद चट्टान, बर्फ, मिट्टी और मलबा पहाड़ी नदियों में जा गिरा, जिससे अचानक बाढ़ की स्थिति पैदा हुई। 

नेपाल ने झील का जलस्तर बढ़ने की चेतावनी दी
नेपाल के आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने चेतावनी दी है कि बाढ़ वाली जगह पर मलबे के कारण नदी का रास्ता रुक गया है. इसके पीछे पानी जमा होने से एक झील बन गई है. इस झील का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और इसके अचानक फटने का खतरा है. आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों ने निचले इलाकों में नदी के किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने को कहा है. यात्रियों और राहत-बचाव अभियान में जुटे लोगों को भी नदी के किनारे और दूसरे जोखिम वाले इलाकों से दूर रहने की सलाह दी गई है। 

नेपाल में दूसरी बाढ़ की आहट
वहीं, काठमांडू स्थित इंटरनेशनल सेंटर फॉर इंटीग्रेटेड माउंटेन डेवलपमेंट (ICIMOD) में जलवायु और पर्यावरण जोखिम विभाग के प्रमुख और क्राइमट एक्सपर्ट कियांगगोंग झांग ने भी दूसरी बाढ़ के खतरे को लेकर चिंता जताई है. उन्होंने कहा कि नेपाल-चीन सीमा पर ऊपरी हिस्से में मलबे से रुकावट का मतलब है कि दूसरी बाढ़ आने वाली है। 

1,200 ओलंपिक-साइज के पूल जितना पानी बह सकता है
वहीं, चीन की ओर से भी चेतावनी जारी की गई है. चीन ने चेतावनी दी है कि अगले तीन दिनों में करीब 30 लाख घन मीटर पानी सीमा के चीन वाले हिस्से में मलबे से रुकी झील में पहुंच सकता है. यह मात्रा करीब 1,200 ओलंपिक आकार के स्विमिंग पूल के बराबर है. इतनी बड़ी मात्रा में पानी पहुंचने से झील के टूटने का खतरा काफी बढ़ गया है. अधिकारियों ने बताया कि पानी का सबसे ज्यादा बहाव करीब 1 सितंबर को आने की आशंका है। 

चीन ने झील की तस्वीर में क्या देखा
चीन के सरकारी प्रसारक CGTN की ओर से जारी हवाई तस्वीरों में एक जगह भूरा पानी जमा दिखाई दे रहा है. पानी के बाहर निकलने का कोई साफ रास्ता नजर नहीं आ रहा है. झील के पानी में पेड़ और झाड़ियां डूबी हुई दिखाई दे रही हैं, जबकि मलबे और पत्थरों की एक दीवार पानी के दबाव को रोकती नजर आ रही है

चीन के सरकारी मीडिया ने जल संसाधन मंत्रालय का हवाला देते हुए कहा कि आने वाले हफ्ते में और बारिश होने का अनुमान है, जिससे खतरा और बढ़ सकता है. मंत्रालय के हाइड्रोलॉजी विभाग के रिसर्चर झू जिनफेंग ने सरकारी ब्रॉडकास्टर सीसीटीवी को बताया, ‘पानी की मात्रा लगातार बढ़ रही है और साथ ही खतरा भी बढ़ रहा है। 

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