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जर्जर भवन में पढ़ रहे थे बच्चे, जिला शिक्षा अधिकारी ने किया निरीक्षण; 6 महीने में पूरा होगा काम

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जयपुर
बगरू विधानसभा क्षेत्र के रामपुरा-कुंवरपुरा गांव में सीजेपी और ग्रामीणों के बीच मारपीट के बाद अब राजस्थान सरकार ने एक्शन लिया है। शिक्षा विभाग के आदेश के बाद जयपुर जिला शिक्षाधिकारी गिर्राज पारीक स्कूल का निरीक्षण करने के लिए पहुंचे। इस दौरान मीडियाकर्मियों ने कहा कि तबादले में स्कूल चल रहा है, जिस पर उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि स्कूल भवन जर्जर हालत में है। बच्चों की सुरक्षा के लिए बच्चों को दूसरी जगह शिफ्ट किया गया है। बता दें कि रामपुरा-कंवरपुरा गांव स्थित राजकीय प्राथमिक स्कूल की बदहाल स्थिति का जायजा लेने के लिए शुक्रवार सुबह कॉकरोच जनता पार्टी की टीम पहुंची थी।

इस दौरान ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया था। ग्रामीणों ने सीजेपी टीम को धक्का-मुक्की कर गांव से बाहर निकाल दिया था और स्कूल के बाहर ही ग्रामीण धरने पर बैठ गए थे। ग्रामीणों ने मुख्य रास्ते पर ट्रैक्टर-ट्रॉली खड़ी कर घेराबंदी की और आने-जाने वाली गाड़ियों की जांच की। इसके बाद करीब दस बजे आशुतोष रांका के साथ टीम वापस स्कूल पहुंची तो ग्रामीण भड़क गए और उन्हें पीटकर खदेड़ दिया था। इस मामले में दोनों ही पक्षों की ओर से पुलिस थाने में मामला दर्ज करवाया गया है।

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इसी बीच शिक्षा विभाग के आदेश के बाद जयपुर जिला शिक्षाधिकारी गिर्राज पारीक स्कूल का जायजा लेने के लिए रामपुरा-कुंवरपुरा गांव पहुंचे। जहां पर उन्होंने जर्जर स्कूल भवन का बारीकी से निरीक्षण किया। साथ ही स्कूल भवन की जल्द मरम्मत के निर्देश दिए। जहां पर बच्चों की पढ़ाई हो रही है, वहां जाकर भी उन्होंने शिक्षकों से मुलाकात की। मीडिया से चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि सरकार ने स्कूल भवन की मरम्मत के लिए 12.50 लाख रुपए स्वीकृति दी और जल्द ही स्कूल का निर्माण कार्य शुरू होगा। उन्होंने कहा कि स्कूल का काम करीब छह महीने में पूरा कर लिया जाएगा।

भवन जर्जर… अभी कहां चल रहा है स्कूल?
रामपुरा गांव के राजकीय प्राथमिक स्कूल की बिल्डिंग पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। ऐसे में स्कूल को बंद कर दिया गया है। छत पर लोहे के एंगल लगाए गए हैं। स्कूल को 50 मीटर दूर एक बाड़े में शिफ्ट कर रखा है, जहां पर बच्चे टीनशेड के नीचे पढ़ाई करते है। यहां पर पास में पशुओं का चारा भरा पड़ा है और दीवारों की ईंटें गिर हुई है। दो कमरों में 20 से 30 बच्चों को दो शिक्षक पढ़ाते है। बता दें कि 1999 में बना भवन लंबे समय से मरम्मत के अभाव में जर्जर हो चुका है। सरकार ने स्कूल की मरम्मत के लिए करीब 12.50 लाख रुपए स्वीकृत किए हैं, लेकिन निर्माण कार्य अभी शुरू नहीं हुआ है।

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