Home विदेश Supreme Court के फैसले का बड़ा असर! स्पेन के शहर में बढ़ा...

Supreme Court के फैसले का बड़ा असर! स्पेन के शहर में बढ़ा संकट, जरूरी सामान तक की किल्लत

3
0
Jeevan Ayurveda

सेउटा

स्पेन के उत्तरी अफ्रीकी एन्क्लेव सेउटा में इन दिनों एक अभूतपूर्व मानवीय और सीमा संकट पैदा हो गया है। एक अफवाह और सुप्रीम कोर्ट के फैसले की गलत व्याख्या के कारण मोरक्को से लगभग 60,000 प्रवासी अचानक स्पेन के इस छोटे से शहर में घुस गए। हालात इतने बेकाबू हो गए कि शहर में राशन और खाने-पीने की भारी किल्लत हो गई है। वहीं, भगदड़ और समुद्र पार करने की कोशिश में अब तक कम से कम 57 लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है।

Ad

सुप्रीम कोर्ट के किस फैसले से शुरू हुआ बवाल?
इस पूरे बवाल के पीछे स्पेन के सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले की गलत व्याख्या और अफवाह को मुख्य वजह माना जा रहा है। बीते 8 जुलाई को स्पेन के सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया था कि समुद्र के रास्ते आने वाले प्रवासियों को तुरंत वापस नहीं भेजा जा सकता। मानव तस्करी करने वाले गिरोहों ने इस फैसले को सोशल मीडिया पर अफवाह की तरह फैला दिया। प्रवासियों को लगा कि अगर वे समुद्र के रास्ते स्पेन पहुंच गए, तो उन्हें वहां से नहीं निकाला जाएगा और उन्हें स्पेन में रहने की इजाजत मिल जाएगी। इसी गलतफहमी और रोजगार की उम्मीद में हजारों युवा, महिलाएं और छोटे बच्चे अपनी जान जोखिम में डालकर समुद्र की लहरों से जूझते हुए सेउटा की सीमा में घुस गए।

इस खबर के फैलते ही, मात्र 24 घंटे के भीतर मोरक्को से 60,000 से अधिक प्रवासी (जिनमें ज्यादातर युवा और बच्चे शामिल थे) तैरकर या पैदल ही सेउटा की सीमा में घुस गए। स्पेन के प्रधानमंत्री प्रेडो सांचेज के मुताबिक, यह पूरा संकट मानव तस्करों द्वारा फैलाई गई एक अफवाह का नतीजा है।

क्षमता से 2400% ज्यादा बोझ, खाने का अकाल और सड़कों पर सो रहे लोग
सेउटा की सामान्य आबादी से भी ज्यादा लोग अचानक वहां पहुंच गए। रिसेप्शन सेंटर अपनी क्षमता से 2400 प्रतिशत अधिक भर गए, जिससे पूरा प्रशासन चरमरा गया। इतनी बड़ी संख्या में प्रवासियों के पहुंचने से सेउटा में हाहाकार मच गया। स्थानीय निवासियों के अनुसार, दुकानों का सारा सामान खत्म हो गया है और ब्रेड जैसी बुनियादी चीजें भी नहीं मिल रही हैं।

हजारों प्रवासी, जिनमें अकेले आए बच्चे भी शामिल हैं, बिना छत के पार्कों और फुटपाथों पर सोने को मजबूर हैं। शहर के मेयर ने इसे 'गंभीर मानवीय संकट' बताते हुए स्पेन सरकार से राष्ट्रीय आपातकाल घोषित करने की मांग की है।

57 लोगों की मौत से मचा कोहराम
भीड़ के कारण मची भगदड़ और ब्रेकवॉटर (समुद्री बाड़) को तैरकर पार करने की कोशिश में भारी जानमाल का नुकसान हुआ है। स्पेन के अधिकारियों के अनुसार, अब तक 57 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं। कई लोगों की मौत समुद्र में डूबने से हुई, जबकि कुछ सीमा पर लगी बाड़ पार करते समय भगदड़ में कुचले गए।

क्यों उलटे पांव लौट रहे हैं प्रवासी?
स्थिति इतनी भयावह हो चुकी है कि जो प्रवासी बेहतर जिंदगी और रोजगार की तलाश में स्पेन आए थे, वे अब खुद अपनी मर्जी से मोरक्को वापस लौट रहे हैं।

स्पेनिश अधिकारियों के मुताबिक, अब तक 48,300 से अधिक प्रवासी वापस लौट चुके हैं। वापस लौटने वाले एक 20 वर्षीय युवक अयमान ने बताया, "सेउटा के अंदर बिल्कुल खाना नहीं था और सेना ने हमें बुरी तरह खदेड़ दिया।" रोजगार की उम्मीद में आए युवाओं ने पाया कि वहां न तो काम है, न सिर छुपाने की जगह और न ही दो वक्त की रोटी। कई लोग दो दिन से बिना पानी के फंसे हुए थे।

इस संकट के बाद स्पेनिश सेना को तैनात कर दिया गया है। स्पेन के प्रधानमंत्री ने इसे देश की क्षेत्रीय संप्रभुता का उल्लंघन करार देते हुए साफ किया है कि अवैध रूप से घुसे सभी लोगों की तेजी से वापसी सुनिश्चित की जाएगी।

Jeevan Ayurveda Clinic

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here