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देश में फिर बढ़ा कोरोना का खतरा: आंध्र से मुंबई तक मिले नए मरीज, संक्रमण से बचने के लिए रहें सतर्क

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कडप्पा

देश में एक बार फिर कोरोना वायरस ने पैर पसारने शुरू कर दिए हैं. पहले आंध्र प्रदेश और अब मुंबई से आ रहे मामलों ने चिंता बढ़ा दी है. आम लोगों से लेकर सेलिब्रिटी तक इसकी चपेट में आ रहे हैं, जिसके चलते कोरानो वायरस का खतरा एक बार फिर मंडराने लगा है। 

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पिछले कुछ हफ्तों में आंध्र प्रदेश में कोरोना से अब तक दो मौतें हो चुकी हैं. वहीं, फिलहाल राज्य में कोरोना के 8 एक्टिव केस रिकॉर्ड किए गए हैं. जबकि मुंबई से भी कोरोना वायरस का एक मामला सामने आया है। 

हाल ही में आंध्र प्रदेश के कडप्पा में कोरोना वायरस के कारण 46 साल के एक व्यक्ति की मौत हो गई थी. कडप्पा के मासापेटा इलाके का रहने वाला ये व्यक्ति कोरोना वायरस से बुरी तरह जूझ रहा था।  

मृतक को सांस लेने में बहुत तकलीफ और तेज खांसी की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था. अस्पताल में जब मरीज का एक्स-रे किया गया, तो पता चला कि वायरस की वजह से उसके दोनों फेफड़े पूरी तरह खराब हो चुके थे और उसे गंभीर निमोनिया हो गया था। 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आंध्र प्रदेश में करीब चार साल बाद कोविड-19 से पहली मौत दर्ज की गई है। इसके अलावा चार अन्य लोगों में भी संक्रमण का पता चला है। मौत के कारणों की पुष्टि के लिए जांच की रिपोर्ट का इंतजार है। इन मामलों के बाद से स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में आ गया है।

सबसे ज्यादा हैरान करने वाली बात यह है कि संक्रमित पाए गए लोगों ने कोविड वैक्सीन की कम से कम दो डोज लगवाई थीं। इनमें से एक व्यक्ति ने तो बूस्टर डोज भी ली थी। इससे सवाल उठने लगा है कि क्या कोरोना फिर से वापस आ गया है? क्या हमें फिर से अलर्ट हो जाने की जरूरत है?

कुमार सानू के बेटे कोरोना पॉजीटिव
मुंबई में भी कोरोना की एंट्री हो गई है. सिंगर कुमार सानू के बेटे जान कुमार सानू भी कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं. 'बिग बॉस' के पूर्व कंटेस्टेंट रहे जान ने 12 जुलाई को खुद सोशल मीडिया के जरिए फैंस को ये जानकारी दी. वो इस समय अस्पताल में भर्ती हैं और अपना इलाज करा रहे हैं। 

कोविड-19 फिर बढ़ा रहा टेंशन
खबरों के मुताबिक आंध्र प्रदेश के कडपा जिले में चार दिन इलाज के बाद 46 वर्षीय एक व्यक्ति की कोविड-19 से मौत हो गई । इसके बाद स्वास्थ्य अधिकारियों ने कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग और कंटेनमेंट के उपाय शुरू कर दिए हैं।
 
    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 46 वर्षीय व्यक्ति को सांस लेने में तकलीफ और लगातार खांसी की शिकायत के साथ स्थानीय अस्पताल में भर्ती हुआ था। 
    डॉक्टरों ने उसकी इलाज शुरू की, लेकिन हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। एक्स-रे से पता चला कि उसके दोनों फेफड़ों को काफी नुकसान पहुंचा था और उसे निमोनिया हो गया था।

    हालांकि स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि मौत की वजह का पता लगाने के लिए मरीज के बायोलॉजिकल सैंपल को पुणे स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी भेजा गया है। रिपोर्ट मिलने के बाद ही किसी पक्के नतीजे पर पहुंचा जा सकेगा।

संक्रमितों की क्या खबर है?
वायरस से संक्रमित पाए गए चार लोगों में से तीन होम आइसोलेशन में हैं, जबकि चौथे व्यक्ति में हल्के लक्षण हैं और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

सूत्रों ने कहा, कडपा वायरोलॉजी लैब में आरटी-पीसीआर टेस्ट के दौरान चारों मरीज कोविड-19 पॉजिटिव पाए गए। मरीजों को कोविड वैक्सीन की दो डोज भी लग चुकी थीं, जबकि उनमें से एक ने बूस्टर डोज भी ली थी।

सावधानी बरतें-घबराएं नहीं
कोरोना के जोखिमों को देखते हुए अधिकारी हालात का जायजा ले रहे हैं। स्थानीय लोगों से कोरोना से बचाव के उपाय जैसे जैसे भीड़-भाड़ वाली जगहों पर मास्क लगाने, ज्यादा भीड़ वाली जगहों पर सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखने और हाथों की साफ-सफाई का ध्यान देते रहने की अपील की गई है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि ये उपाय एहतियाती हैं। कोरोना के मामलों को लेकर लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। मौजूदा संक्रमण के मामलों के लिए कोरोना का कौन सा वैरिएंट जिम्मेदार है, फिलहाल इनकी पुष्टि के लिए रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

कोरोना से बचाव के लिए सावधानियां

    मास्क पहनें: भीड़भाड़ वाले इलाकों, बाजारों और अस्पतालों में जाते समय मास्क का इस्तेमाल जरूर करें.

    लक्षणों को न छुपाएं: गर आपको तेज खांसी, बुखार या सांस लेने में थोड़ी भी तकलीफ महसूस हो, तो इसे आम फ्लू समझकर नजरअंदाज न करें. तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.

    हाथों को साफ रखें: बाहर से आने के बाद हाथों को साबुन-पानी से अच्छी तरह धोएं या सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें.

    कमजोर इम्यूनिटी वाले रहें सतर्क: जो लोग पहले से किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं, ज्यादा शराब पीते हैं या धूम्रपान करते हैं, उन्हें खास तौर पर सावधान रहना चाहिए क्योंकि उनके फेफड़ों पर संक्रमण का असर जल्दी होता है.

 

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