Home राज्य 4000 करोड़ की बड़ी सौगात! आरा-कोईलवर क्षेत्र में रेल और सड़क कनेक्टिविटी...

4000 करोड़ की बड़ी सौगात! आरा-कोईलवर क्षेत्र में रेल और सड़क कनेक्टिविटी का होगा विस्तार

4
0
Jeevan Ayurveda

 आरा
 दानापुर रेल मंडल के अंतर्गत आने वाली दिल्ली-हावड़ा मेन लाइन पर जल्द ही बड़े स्तर पर आधारभूत ढांचे का विस्तार देखने को मिल सकता है।रेल मंत्रालय के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आरा जंक्शन होकर गुजरने वाले इस अत्यंत व्यस्त रेलखंड को आधुनिक और अधिक सक्षम बनाने की तैयारी शुरू कर दी गई है।योजना के तहत लगभग 3500 से 4000 करोड़ रुपये की लागत से दो नई रेल लाइनें बिछाई जाएंगी। इसके साथ ही कोईलवर में सोन नदी पर देश का दूसरा चार लेन रेल पुल भी बनाया जाएगा।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार इस परियोजना के पूरा होने के बाद वर्तमान दो लाइन वाले रेलखंड को चार लाइन में विकसित किया जाएगा।

Ad

इसमें एक लाइन पैसेंजर ट्रेनों के संचालन के लिए, एक लाइन मालगाड़ियों के लिए तथा दो लाइन एक्सप्रेस ट्रेनों की आवाजाही के लिए निर्धारित की जाएगी।

इससे ट्रेनों के परिचालन में काफी आसानी होगी और यात्रियों को समय पर ट्रेन सेवा का लाभ मिल सकेगा।

सोन नदी पर बनेगा नया पुल  
इस महत्वाकांक्षी योजना का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा कोइलवर में सोन नदी पर नए रेल पुल का निर्माण है। यह पुल मौजूदा रेल पुल के समानांतर बनाया जाएगा।

पूर्व मध्य रेलवे ने इस संबंध में विस्तृत प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेज दिया है। रेलवे बोर्ड की मंजूरी से पहले परियोजना की तकनीकी और व्यवहारिकता रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी।

संभावना जताई जा रही है कि इसी माह जांच रिपोर्ट रेलवे बोर्ड को सौंप दी जाएगी। नए पुल के निर्माण के बाद पुराने और नए पुल को मिलाकर कुल चार रेल लाइनें उपलब्ध हो जाएंगी।

इससे एक ही समय में तीन-तीन ट्रेनों का आवागमन संभव हो सकेगा। वर्तमान में केवल दो लाइन होने के कारण अप और डाउन दिशा में एक-एक ट्रेन ही एक समय में गुजर पाती है, जिससे ट्रेनों के परिचालन पर भारी दबाव बना रहता है।

समय पालन में होगी बड़ी राहत
हावड़ा-पटना-डीडीयू रेलखंड भारतीय रेल के सबसे व्यस्त मार्गों में शामिल है। इस रूट से प्रतिदिन बड़ी संख्या में एक्सप्रेस, सुपरफास्ट, पैसेंजर और मालगाड़ियां गुजरती हैं।

ट्रेनों का दबाव अधिक होने के कारण अक्सर परिचालन प्रभावित होता है और समय पालन बनाए रखना रेलवे के लिए चुनौती बन जाता है।

रेलवे अधिकारियों का मानना है कि चार लाइन बनने के बाद ट्रेनों के संचालन को अलग-अलग श्रेणियों में बांटा जा सकेगा।

इससे मालगाड़ियों और पैसेंजर ट्रेनों के कारण एक्सप्रेस ट्रेनों की गति प्रभावित नहीं होगी। वहीं लंबी दूरी की ट्रेनों को भी समय पर चलाने में सहायता मिलेगी। 

आरा, पटना और आसपास के क्षेत्रों को मिलेगा लाभ 
इस परियोजना से आरा, बक्सर, बिहिया, डुमरांव और पटना सहित पूरे शाहाबाद क्षेत्र को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। रेल ढांचे के मजबूत होने से औद्योगिक और व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।

साथ ही यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी और कम विलंब वाली ट्रेन सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी। इस परियोजना को अंतिम मंजूरी केंद्रीय कैबिनेट से मिलनी है।

रेलवे बोर्ड से स्वीकृति मिलने के बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट और निर्माण प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। रेलवे से जुड़े जानकारों का कहना है कि यह परियोजना आने वाले वर्षों में पूर्व मध्य रेलवे के लिए गेम चेंजर साबित हो सकती है।

 

Jeevan Ayurveda Clinic

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here