Home राज्य पीपीपी मॉडल से बदलेगा बिहार का खेल ढांचा, खिलाड़ियों को मिलेंगे नए...

पीपीपी मॉडल से बदलेगा बिहार का खेल ढांचा, खिलाड़ियों को मिलेंगे नए अवसर

4
0
Jeevan Ayurveda

पटना

बिहार सरकार के खेल विभाग में सोमवार को नई जिम्मेदारी संभालने के बाद श्रेयसी सिंह ने राज्य में खेल संस्कृति को मजबूत बनाने और जमीनी स्तर पर प्रतिभाओं को आगे लाने पर विशेष जोर दिया है। विकास भवन, नया सचिवालय स्थित विभागीय कार्यालय में आयोजित बैठक में उन्होंने खेल नीति, खेल अवसंरचना और खिलाड़ियों के विकास को लेकर अधिकारियों के साथ विस्तार से चर्चा की गई।

Ad

बैठक में खेल विभाग के अपर मुख्य सचिव बी. राजेंदर और बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक रवींद्रन शंकरन समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने श्रेयसी सिंह का स्वागत किया और विभागीय योजनाओं की जानकारी दी। इस दौरान श्रेयसी सिंह ने राज्य में संचालित एकलव्य केंद्रों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि बिहार की खेल नीति राज्य में खेलों के समग्र विकास की आधारशिला है और इसके प्रभावी क्रियान्वयन से खेल संस्कृति को नई दिशा मिलेगी।

जमीनी स्तर पर खिलाड़ी तैयार करना विभाग की प्राथमिकता
मंत्री श्रेयसी सिंह ने कहा कि बिहार के खिलाड़ियों को जमीनी स्तर से तैयार करना विभाग की प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके लिए प्रत्येक जिले में 'डिस्ट्रिक्ट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' के रूप में खेल अवसंरचना विकसित करने की आवश्यकता है, ताकि स्थानीय प्रतिभाओं को बेहतर प्रशिक्षण और सुविधाएं मिल सकें।

हर जिले में मजबूत होगी खेल संरचना
श्रेयसी सिंह ने कहा कि यदि बिहार को खेल हब के रूप में विकसित करना है, तो जिला स्तर पर मजबूत खेल संरचना तैयार करनी होगी। उन्होंने विभागीय कार्यों की समीक्षा करते हुए उन मुद्दों की भी जानकारी ली, जो उनके कार्यभार से दूर रहने के दौरान सामने आए थे।

पीपीपी मोड के जरिए खिलाड़ियों को मुहैया कराएंगे बेहतर संसाधन
उन्होंने खेलों के विकास में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल को भी जरूरी बताया। उनके अनुसार, राज्य में खेल सुविधाओं को बेहतर बनाने और खिलाड़ियों को आधुनिक संसाधन उपलब्ध कराने के लिए विस्तृत गाइडलाइन तैयार की जाएगी, ताकि पीपीपी मॉडल को प्रभावी तरीके से लागू किया जा सके।

 

Jeevan Ayurveda Clinic

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here