मॉस्को
यूक्रेन युद्ध के लगातार जारी रहने और सुरक्षा खतरों के बीच रूस ने शनिवार को अपना विजय दिवस परेड बेहद सीमित रूप में आयोजित किया. हर साल 9 मई को मॉस्को के रेड स्कॉयर पर होने वाली यह परेड रूस के सबसे बड़े राष्ट्रीय आयोजनों में मानी जाती है. यह दिन सोवियत संघ की नाजी जर्मनी पर जीत और दूसरे विश्व युद्ध में मारे गए लाखों लोगों की याद में मनाया जाता है. लेकिन इस बार का आयोजन पहले के मुकाबले काफी अलग दिखाई दिया।
आमतौर पर रूस इस परेड में अपनी सैन्य ताकत का बड़ा प्रदर्शन करता रहा है. टैंक, मिसाइल सिस्टम और परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइलें रेड स्कॉयर पर दिखाई जाती थीं। हालांकि इस साल सुरक्षा कारणों और यूक्रेन हमले के खतरे की वजह से टैंक या भारी सैन्य वाहन सड़क पर नहीं उतारे गए।
इसके बजाय रूस ने अपनी सैन्य ताकत को बड़े डिजिटल स्क्रीन और सरकारी टीवी प्रसारण के जरिए दिखाया. इसमें Yars इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल, आर्कान्जेस्क परमाणु पनडुब्बी, पेरेसवेत लेजर हथियार, सुखोई Su-57 फाइटर जेट, एस-500 मिसाइल सिस्टम और कई ड्रोन व आर्टिलरी सिस्टम शामिल थे।
परेड में रूसी सैनिकों और नौसेना के जवानों ने मार्च किया. इनमें कुछ ऐसे सैनिक भी शामिल थे जो यूक्रेन युद्ध में हिस्सा ले चुके हैं।
राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन रेड स्क्वायर में व्लादिमीर लेनिन समाधि के पास बैठे दिखाई दिए. उनके साथ रूसी युद्ध वेटरन्स भी मौजूद थे. इस बार परेड में नॉर्थ कोरिया के सैनिक भी शामिल हुए. रिपोर्ट के मुताबिक ये सैनिक रूस के कुर्स्क क्षेत्र में यूक्रेनी बलों के खिलाफ लड़ाई में शामिल रहे हैं।
राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने लगभग आठ मिनट का भाषण दिया. उन्होंने कहा कि रूस यूक्रेन युद्ध में जीत हासिल करेगा. उन्होंने कहा कि 'विशेष सैन्य अभियान' चला रहे रूसी सैनिक NATO समर्थित ताकतों का सामना कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद आगे बढ़ रहे हैं. राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि दूसरे विश्व युद्ध में जीत हासिल करने वाली पीढ़ी आज के सैनिकों को प्रेरणा दे रही है।
इसी बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस और यूक्रेन के बीच तीन दिन के युद्धविराम की घोषणा की जानकारी दी. उन्होंने ने कहा कि वे इस युद्धविराम को और लंबे समय तक बढ़ते देखना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध दूसरे विश्व युद्ध के बाद सबसे विनाशकारी संघर्ष बन गया है. उनके मुताबिक हर महीने हजारों युवा सैनिक मारे जा रहे हैं।
रूस और यूक्रेन दोनों ने हाल के दिनों में एक-दूसरे पर युद्धविराम तोड़ने के आरोप लगाए थे, लेकिन शनिवार से शुरू हुए नए सीजफायर के उल्लंघन की कोई बड़ी रिपोर्ट सामने नहीं आई।
रूस ने यूक्रेन को चेतावनी दी थी कि अगर उसने विजय दिवस परेड को निशाना बनाया तो कीव पर बड़ा मिसाइल हमला किया जाएगा. मॉस्को ने विदेशी दूतावासों को भी सतर्क रहने को कहा था।
वहीं यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने व्यंग्यात्मक अंदाज में बयान जारी करते हुए कहा कि रूस की 9 मई की परेड 'होने दी जाएगी' और यूक्रेनी हथियार रेड स्कॉयर को निशाना नहीं बनाएंगे. परेड के दौरान मॉस्को में सुरक्षा बेहद कड़ी रही। शहर के कई रास्ते बंद किए गए और सड़कों पर भारी सुरक्षा बल तैनात रहे. रॉयटर्स की तस्वीरों में हथियारबंद सैनिक पिकअप ट्रकों पर तैनात दिखाई दिए।
सैन्य गतिविधियां रुकेंगी और कैदियों की अदला-बदली होगी
रूस और यूक्रेन के बीच पिछले 4 साल से ज्यादा समय से चल रहे युद्ध के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ी घोषणा की है. उन्होंने कहा है कि रूस और यूक्रेन के बीच तीन दिन का सीजफायर होगा. यह युद्धविराम 9 मई, 10 मई और 11 मई तक लागू रहेगा. डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि उन्हें यह बताते हुए खुशी हो रही है कि दोनों देशों ने तीन दिन के सीजफायर पर सहमति जताई है.
ट्रंप ने बताया कि रूस में यह समय विक्ट्री डे के जश्न का है. वहीं यूक्रेन भी दूसरे विश्व युद्ध का एक अहम हिस्सा रहा है, इसलिए यह समय दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है. उन्होंने कहा कि इस सीजफायर के दौरान सभी तरह की सैन्य गतिविधियों को रोका जाएगा. इसके साथ ही दोनों देशों के बीच 1,000 कैदियों की अदला-बदली भी की जाएगी।
ट्रंप ने पुतिन को कहा थैंक्यू
ट्रंप ने अपनी पोस्ट में कहा कि यह अनुरोध उन्होंने खुद किया था और इसके लिए उन्होंने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की का धन्यवाद किया. उन्होंने उम्मीद जताई कि यह कदम लंबे समय से चल रहे इस खतरनाक युद्ध को खत्म करने की शुरुआत साबित हो सकता है. ट्रंप ने कहा कि दूसरे विश्व युद्ध के बाद यह सबसे बड़ा संघर्ष माना जा रहा है और इसे खत्म करने के लिए बातचीत लगातार जारी है. उन्होंने अपनी पोस्ट के अंत में कहा कि शांति की दिशा में कोशिशें हर दिन आगे बढ़ रही हैं और दुनिया इस युद्ध के अंत के और करीब पहुंच रही है।









