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साइबर ठगी रैकेट का खुलासा, बैंक कर्मचारी फर्जी खाते के आरोप में गिरफ्तार

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नई दिल्ली

दिल्ली में साइबर ठगी रैकेट से जुड़े मामले में एक निजी बैंक कर्मचारी की गिरफ्तारी ने जांच एजेंसियों को बड़ा सुराग दिया है. दिल्ली पुलिस के अनुसार, 35 वर्षीय बैंक कर्मचारी इरशाद मलिक को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बैंक खाता खोलकर ठगी की रकम ट्रांसफर कराने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. आरोपी मूल रूप से गाजियाबाद का रहने वाला है.

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पुलिस ने बताया कि यह मामला अक्टूबर 2023 में द्वारका में दर्ज एक एफआईआर से जुड़ा है. शिकायत एक पुलिस अधिकारी ने दर्ज कराई थी, जिसमें उनके बैंक खाते से बिना अनुमति और बिना ओटीपी प्रमाणीकरण के 88 हजार रुपये की अनधिकृत निकासी की बात सामने आई थी. जांच के दौरान सामने आया कि रकम एक निजी बैंक खाते में ट्रांसफर की गई थी.

आगे की जांच में पता चला कि यह खाता एक निजी फर्म के नाम पर खोला गया था, लेकिन इसके लिए इस्तेमाल किए गए दस्तावेज फर्जी थे. दस्तावेजों में जिस व्यक्ति का नाम इस्तेमाल किया गया, उसने बाद में ऐसे किसी खाते की जानकारी होने से साफ इनकार कर दिया.

फर्जी दस्तावेजों से खोला गया खाता
पुलिस के मुताबिक, फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की जांच में खाता खोलने वाले फॉर्म पर किए गए हस्ताक्षर फर्जी पाए गए. साथ ही यह भी सामने आया कि खाता बिना उचित केवाईसी प्रक्रिया पूरी किए ही खोल दिया गया था. यह गंभीर लापरवाही और जानबूझकर नियमों की अनदेखी का मामला माना जा रहा है.

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि इरशाद मलिक की मुलाकात सह-आरोपी हरजिंदर उर्फ हरजी से हुई थी. हरजी ने उसे कमीशन का लालच देकर ऐसे फर्जी खातों को खोलने और ठगी की रकम ट्रांसफर कराने के लिए तैयार किया. पुलिस ने 10 अप्रैल को आरोपी को न्यू फ़्रेंड्स कॉलोनी से गिरफ्तार कर लिया.

पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने जानबूझकर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर खाता खोला और ठगी की रकम को आगे भेजने के बदले कमीशन लिया. पुलिस के अनुसार यह खाता एक बड़े साइबर ठगी नेटवर्क में इस्तेमाल हो रहा था, जहां लोगों को सोशल मीडिया समूहों के जरिए नकली निवेश और पार्ट-टाइम नौकरी के झांसे देकर फंसाया जाता था.

पहले भी गिरफ्तार हो चुके हैं चार आरोपी
पुलिस ने बताया कि इस मामले में चार सह-आरोपी पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं और फिलहाल जमानत पर बाहर हैं. मामले की जांच जारी है और साइबर ठगी के इस बड़े नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है.

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