Home राज्य ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत, बाड़मेर रिफाइनरी के लोकार्पण की तारीख हुई...

ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत, बाड़मेर रिफाइनरी के लोकार्पण की तारीख हुई तय

13
0
Jeevan Ayurveda

बाड़मेर

 एक तरफ जहां वैश्विक स्तर पर ईरान-इजराइल संघर्ष के कारण कच्चे तेल की सप्लाई और रिफाइनरियों पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं, वहीं राजस्थान अपने औद्योगिक इतिहास का सबसे सुनहरा पन्ना लिखने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगामी 21 अप्रैल को बाड़मेर के पचपदरा में स्थित राजस्थान रिफाइनरी का लोकार्पण करेंगे।

Ad

दुबई की तर्ज पर यहां क्रूड ऑयल स्टोरेज और रिफाइनिंग की क्षमता इसे उत्तर भारत का 'एनर्जी गेटवे' बना देगी। जब यहां उत्पादित पेट्रोल-डीजल और गैस राजस्थान के साथ-साथ पंजाब, हरियाणा और दिल्ली तक सप्लाई होगी, तो राजस्व का बड़ा हिस्सा बाड़मेर और आसपास के विकास पर खर्च होगा।

72 हजार करोड़ रुपये की लागत से बना प्रोजेक्ट
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस ऐतिहासिक घड़ी की पुष्टि करते हुए बताया कि पीएम मोदी 21 अप्रैल को इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। 72 हजार करोड़ रुपये की लागत से बना यह प्रोजेक्ट न केवल राजस्थान, बल्कि पूरे उत्तर भारत के औद्योगिक परिदृश्य को बदलकर रख देगा।
बाड़मेर-जैसलमेर में बनेगा 'इंडस्ट्रियल क्लस्टर'
पचपदरा रिफाइनरी महज एक तेल शोधन इकाई नहीं है, बल्कि यह पश्चिमी राजस्थान के लिए आर्थिक इंजन साबित होगी। सीएम ने बताया कि इस प्रोजेक्ट के चालू होने से बाड़मेर और जैसलमेर जिलों में एक विशाल इंडस्ट्रियल क्लस्टर विकसित होगा।

    सहायक उद्योग: पेट्रोकेमिकल्स पर आधारित सैकड़ों सहायक उद्योगों के लिए रास्ते खुलेंगे।
    इंफ्रास्ट्रक्चर: क्षेत्र में सड़कों, लॉजिस्टिक्स हब और बिजली के बुनियादी ढांचे में भारी निवेश होगा।
    रोजगार: स्थानीय स्तर पर हजारों युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर मिलेंगे।

वैश्विक युद्ध के बीच भारत की 'ऊर्जा सुरक्षा'
दिलचस्प बात यह है कि यह लोकार्पण ऐसे समय में हो रहा है जब पश्चिम एशिया युद्ध की आग में झुलस रहा है और अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार अस्थिर है। ऐसे में पचपदरा रिफाइनरी का शुरू होना भारत की ऊर्जा सुरक्षा की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह रिफाइनरी उच्च गुणवत्ता वाले BS-VI मानक के ईंधन का उत्पादन करेगी, जिससे आयात पर निर्भरता कम होगी।

प्रोजेक्ट की खासियतें
लागत: ₹72,000 करोड़ से अधिक।
क्षमता: 9 मिलियन टन प्रति वर्ष (MTPA)।
साझेदारी: यह HPCL और राजस्थान सरकार का संयुक्त उपक्रम है।
उत्पाद: पेट्रोल-डीजल के अलावा पेट्रोकेमिकल उत्पादों जैसे पॉलीप्रोपाइलीन और पॉलीथीन का भी उत्पादन होगा।

पीएम मोदी का पिछला राजस्थान दौरा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह दौरा बेहद खास है। इससे पहले पीएम मोदी इसी साल 28 फरवरी को राजस्थान के अजमेर आए थे। अजमेर के कायड़ विश्रामस्थली में उन्होंने एक बड़ी सभा को संबोधित किया था, जहां उन्होंने प्रदेश के विकास और डबल इंजन सरकार की उपलब्धियों को गिनाया था। अब करीब दो महीने के भीतर ही वे पचपदरा रिफाइनरी के रूप में राजस्थान को एक बड़ी सौगात देने दोबारा मरूधरा की धरती पर कदम रखेंगे।

 

Jeevan Ayurveda Clinic

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here