Home राज्य शिक्षा मंत्री के बयान से गरमाया सदन, विज्ञान संकाय को लेकर पक्ष-विपक्ष...

शिक्षा मंत्री के बयान से गरमाया सदन, विज्ञान संकाय को लेकर पक्ष-विपक्ष आमने-सामने

38
0
Jeevan Ayurveda

जयपुर

राजस्थान विधानसभा के प्रश्नकाल में सरकारी स्कूलों में विज्ञान संकाय खोलने और शिक्षकों की नियुक्ति से जुड़े सवाल पर जोरदार हंगामा हुआ। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर से जब संबंधित आंकड़े मांगे गए तो उन्होंने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाने शुरू कर दिए, जिस पर विपक्ष ने आपत्ति जताई। मंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार रिक्त पदों को भर रही है और आगामी सेवानिवृत्तियों को ध्यान में रखते हुए पूर्व योजना बना रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने स्कूल तो खोले, लेकिन शिक्षकों की नियुक्ति नहीं की।

Ad

स्पीकर का हस्तक्षेप और सवालों की पुनरावृत्ति
स्थिति तीखी होने पर स्पीकर वासुदेव देवनानी ने हस्तक्षेप करते हुए मंत्री से मूल प्रश्न का उत्तर देने को कहा। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सवाल दोहराते हुए पूछा कि पिछले दो वर्षों में कितने विज्ञान संकाय खोले गए और कितने पदों पर नियुक्तियां की गईं। इस दौरान मंत्री और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। मंत्री ने पूर्व सरकार पर तबादलों में अनियमितताओं के आरोप भी लगाए, जिस पर टीकाराम जूली ने कहा कि मंत्री सदन को गुमराह कर रहे हैं और तथ्यों के आधार पर जवाब दें। बाद में मंत्री ने बताया कि एक बार 3880 और दूसरी बार 970 पद स्वीकृत किए गए।
 
दिव्यांग स्कूटी वितरण पर भी टकराव
प्रश्नकाल के दौरान दिव्यांगों को स्कूटी वितरण से जुड़े सवाल पर भी बहस तेज हो गई। भाजपा विधायक के पूरक प्रश्न के उत्तर में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने पिछली सरकार के समय हुई देरी का उल्लेख किया और समाधान का आश्वासन दिया। जब नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली पूरक सवाल पूछने के लिए खड़े हुए तो सरकारी मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने टोका, जिस पर जूली ने आपत्ति जताई और स्पीकर से व्यवस्था स्पष्ट करने की मांग की।
 
टिप्पणी पर बढ़ा विवाद
इसके बाद अविनाश गहलोत की एक टिप्पणी को लेकर विवाद और बढ़ गया। मंत्री ने तंज करते हुए कहा कि सदन में पूर्व मुख्यमंत्री की मौजूदगी के कारण विपक्ष में प्रतिस्पर्धा दिखाई दे रही है। इस पर टीकाराम जूली ने कड़ी आपत्ति जताई और कहा कि राजनीतिक टिप्पणियों के बजाय सवाल का सीधा जवाब दिया जाए। दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक के बीच प्रश्नकाल की कार्यवाही जारी रही।

Jeevan Ayurveda Clinic

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here