Home राज्य धीरेंद्र शास्त्री बोले- ‘हिंदुओं को चादर चढ़ाते देख पीड़ा होती है’

धीरेंद्र शास्त्री बोले- ‘हिंदुओं को चादर चढ़ाते देख पीड़ा होती है’

79
0
Jeevan Ayurveda

कोटा.

कोटा में आयोजित श्रीराम कथा के दूसरे दिन बागेश्वर धाम के महंथ पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अपने बयानों से हलचल मचा दी। उन्होंने कहा कि मैं जब हिन्दू भाइयों को सिर पर रुमाल बांधने वालों के पास जाता देखता हूं तो बुरा लगता है। चमत्कारों के नाम पर धर्मांतरण नहीं होना चाहिए। बालाजी ने हमें सिद्धि दी है ताकि धर्म विरोधियों की ठठरी और गठरी बांधी जाए। इस भव्य कार्यक्रम में राजस्थान और मध्य प्रदेश से लाखों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। शनिवार को करीब तीन लाख लोग मौजूद रहे।

Ad

चमत्कार के नाम पर धर्मांतरण कराना गलत
धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि चमत्कार के नाम पर धर्मांतरण कराना गलत है। हम जब हिंदुओं को चादर चढ़ाते देखते हैं तो बहुत बुरा लगता है। हम जब हिंदुओं को रुमाल वालों के पास जाते हुए देखते हैं तो बहुत बुरा लगता है। तब हमें लगता है कि बाला जी ने हमें इसीलिए सिद्धि दी है ताकि धर्म विरोधियों की ठठरी और गठरी बांधी जाए। चमत्कारों के नाम पर धर्मांतरण नहीं होना चाहिए। अपने बजरंग बली किसी से कम नहीं हैं।

दूसरे मजहब के संतों को चुनौती
धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि हम हिंदुओं से प्रार्थना करते हैं कि अपने बजरंगबली किसी से कम नहीं हैं। ऐसी कोई गली नहीं, जहां बजरंगबली की चली नहीं… मैं पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूं कि सनातनियों को छोड़कर किसी भी मजहब के संतों में इतनी हिम्मत नहीं है कि वे बागेश्वर धाम सरकार का सामना कर लें। पैंट गीला कर दिया जाएगा। यह बात मैं अभिमान में नहीं बोल रहा हूं। मैं यह बात केवल हनुमान जी के भरोसे पर कह रहा हूं।

पर्ची कार्यक्रम भी रखा
शनिवार को कथा के दौरान पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने पर्ची कार्यक्रम भी रखा। इस दौरान उन्होंने चुनिंदा भक्तों की पर्ची खोली और उनके बारे में बताया। पंडित धीरेंद्र शास्त्री की कथा सुनने के लिए रोजाना लाखों की संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। कोटा संभाग के कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़ के अलावा राजस्थान के दूसरे जिलों के साथ ही मध्य प्रदेश के कई जिलों से भी लोग कथा सुनने पहुंच रहे हैं। रविवार को कई साधु संतों के आने की संभावना है।

Jeevan Ayurveda Clinic

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here