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दूध उत्पादन सुधार पर फोकस: सीएम ने किया पटना डेयरी प्रोजेक्ट का निरीक्षण

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पटना

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना डेयरी प्रोजेक्ट, सुधा फुलवारीशरीफ का निरीक्षण किया। इस बीच अधिकारियों को कई आवश्यक निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने प्रोडक्शन हॉल, आइसक्रीम प्लांट, दही कोल्ड रूम सहित विभिन्न यूनिटों का जायजा लिया व उत्पादों की गुणवत्ता एवं क्षमता से संबंधित विस्तृत जानकारी प्राप्त की।

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बाद में कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित समीक्षा बैठक में कॉम्फेड के प्रबंध निदेशक शीर्षत कपिल अशोक ने कॉम्फेड की वर्तमान कार्यप्रणाली, आगामी पांच वर्षों की योजना, दुग्ध समितियों, प्रोक्यूरमेंट सिस्टम, इन्फ्रास्ट्रक्चर विस्तार और नए उत्पादों के लॉन्च से जुड़े बिंदुओं की प्रस्तुति दी।

सीएम ने बताया कि राज्य में 21 हजार से अधिक ग्राम स्तरीय दुग्ध सहकारी समितियां कार्यरत हैं, जिनसे 7.5 लाख पशुपालक जुड़े हैं, जिनमें लगभग 25% महिलाएं शामिल हैं। ये समितियां प्रतिदिन औसतन 22 लाख किलोग्राम और अधिकतम 30 लाख किलोग्राम दूध का संकलन करती हैं। कॉम्फेड की वर्तमान प्रसंस्करण क्षमता 54 लाख लीटर प्रतिदिन है और इसे और बढ़ाने की योजना है।

'राज्य में दूध उत्पादन में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई'
बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि 2008 से लागू कृषि रोड मैप ने कृषि व इससे जुड़ी गतिविधियों में उल्लेखनीय सुधार किया है। इसकी बदौलत राज्य में दूध उत्पादन में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि डेयरी की उत्पादन इकाइयों, प्रोक्यूरमेंट इन्फ्रास्ट्रक्चर और दुग्ध समितियों का विस्तार तेज किया जाए ताकि अधिक से अधिक लोग जुड़ें, उनकी आमदनी बढ़े और रोजगार के नए अवसर तैयार हों।

सीएम ने कहा कि कर्मचारियों के लिए आवास व्यवस्था विकसित करने की भी आवश्यकता बताई। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों और पशुपालकों की समृद्धि के लिए सरकार लगातार ठोस कदम उठा रही है। सुधा ब्रांड के नए उत्पाद बाजार में उपलब्ध कराए जा रहे हैं और यह ब्रांड पूरे देश में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।

कॉम्फेड की पृष्ठभूमि और वर्तमान स्थिति
वर्ष 1983 में ऑपरेशन फ्लड कार्यक्रम के तहत गठित कॉम्फेड वर्तमान में राज्य के 31 जिलों में 8 दुग्ध संघों के माध्यम से कार्यरत है। 37 हजार से अधिक खुदरा विक्रय केंद्रों और 914 होल-डे-मिल्क बूथ के माध्यम से सुधा दूध और दुग्ध उत्पाद राज्य के लगभग हर प्रखंड व नगर निकाय तक उपलब्ध हैं।

टेट्रा पैक दूध की आपूर्ति उत्तरी-पूर्वी राज्यों के साथ भारतीय सेना को भी की जा रही है। साथ ही, दिल्ली और कोलकाता जैसे महानगरों में भी सुधा उत्पादों की बिक्री लगातार बढ़ रही है। मार्च 2025 में कॉम्फेड ने 5 मीट्रिक टन घी अमेरिका और 8 मीट्रिक टन गुलाबजामुन कनाडा निर्यात कर अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी अपनी उपस्थिति दर्ज की है।

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