Home मध्य प्रदेश मुरैना सोलर सह स्टोरेज अपने तरह की पहली परियोजना होगी: मुख्यमंत्री डॉ....

मुरैना सोलर सह स्टोरेज अपने तरह की पहली परियोजना होगी: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

33
0
Jeevan Ayurveda

ऊर्जा क्षेत्र की उपलब्धियां सराहनीय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुरैना सोलर सह स्टोरेज अपने तरह की पहली परियोजना होगी: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
 प्रदेश के सोलर पार्क से भारतीय रेल को मिलती है बिजली: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

Ad

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि ऊर्जा के क्षेत्र में मध्यप्रदेश की उपलब्धियों का स्तर काफी अच्छा है। ऊर्जा और नवकरणीय ऊर्जा दोनों विभागों को कार्यों का स्तर श्रेष्ठ से श्रेष्ठतम की ओर ले जाना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ऊर्जा और नवकरणीय ऊर्जा विभाग की गतिविधियों की समीक्षा कर रहे थे। नवीन और नवकरणीय ऊर्जा मंत्री  राकेश शुक्ला, मुख्य सचिव  अनुराग जैन और संबंधित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पारम्परिक ऊर्जा उत्पादन के साथ नवीन और नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में प्रदेश में हो रहे कार्यों की विस्तारपूर्वक जानकारी प्राप्त की। बैठक में बताया कि अक्टूबर 2024 में ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर परियोजना स्थापित की गई है। आगर,शाजापुर और नीमच के सोलर पार्क से उत्पन्न बिजली का उपयोग भारतीय रेल्वे द्वारा भी किया जा रहा है। नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र की इन परियोजनाओं से स्थानीय नागरिकों को रोजगार मिला है और 60 मिलियन टन से अधिक कार्बन उत्सर्जन में कमी आई है।

बैठक में जानकारी दी गई कि मुरैना सोलर सह स्टोरेज परियोजना राज्य की पहली स्टोरेज परियोजना होगी, जिससे सालाना 180 करोड़ रुपए की बचत होगी। वर्ष 2027 में परियोजना के कार्य पूरे हो रहे हैं। प्रदेश में किसानों के लिए सोलर पंप योजना, सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना, कुसुम अ योजना पर बैठक में चर्चा हुई। बैठक में बताया गया कि कुल 15 विकासकों को जिलों का आवंटन किया गया है। लगभग 1300 भवनों पर 48 मेगावाट क्षमता विकसित करने का लक्ष्य है। प्रदेश के नागरिकों द्वारा भी घरेलू छतों पर बड़ी संख्या में उपकरण स्थापित कर रूफटॉप योजना का लाभ लिया जा रहा है। प्रदेश में 76 हजार से अधिक आवासीय इकाईयां कार्य कर रही हैं। इनकी स्थापित क्षमता लगभग 3 लाख किलोवाट है। प्रधानमंत्री जनमन योजना में 11 जिलों में एक हजार से अधिक घरों में सौर्य संयंत्र बैटरी सहित स्थापित किए जा चुके हैं। 

    ऊर्जा के क्षेत्र में मध्यप्रदेश की उपलब्धियों का स्तर काफी अच्छा।

    ऊर्जा और नवकरणीय ऊर्जा दोनों विभागों को कार्यों का स्तर श्रेष्ठ से श्रेष्ठतम की ओर ले जाना है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पारम्परिक ऊर्जा उत्पादन के साथ नवीन और नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में प्रदेश में हो रहे कार्यों की विस्तारपूर्वक जानकारी प्राप्त की।

    अक्टूबर 2024 में ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर परियोजना स्थापित।

    आगर,शाजापुर और नीमच के सोलर पार्क से उत्पन्न बिजली का उपयोग भारतीय रेल्वे द्वारा भी किया जा रहा।

    नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र की इन परियोजनाओं से स्थानीय नागरिकों को रोजगार मिला।

    60 मिलियन टन से अधिक कार्बन उत्सर्जन में कमी आई है।

    मुरैना सोलर सह स्टोरेज परियोजना राज्य की पहली स्टोरेज परियोजना होगी, जिससे सालाना 180 करोड़ रुपए की बचत होगी।

    वर्ष 2027 में परियोजना के कार्य पूरे हो रहे हैं। प्रदेश में किसानों के लिए सोलर पंप योजना, सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना, कुसुम अ योजना पर बैठक में चर्चा हुई।

    सभी 55 जिलों के लिए रूफटॉप सौर योजना में सर्वे कार्य हो रहा है।

    प्रदेश में 76 हजार से अधिक आवासीय इकाईयां कार्य कर रही हैं। इनकी स्थापित क्षमता लगभग 3 लाख किलोवाट है।

    प्रधानमंत्री जनमन योजना में 11 जिलों में एक हजार से अधिक घरों में सौर्य संयंत्र बैटरी     सहित स्थापित किए जा चुके हैं।

 

Jeevan Ayurveda Clinic

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here