Home राज्य राजद-कांग्रेस की टक्कर: चार विधानसभा सीटों पर राहुल और तेजस्वी की रणनीति

राजद-कांग्रेस की टक्कर: चार विधानसभा सीटों पर राहुल और तेजस्वी की रणनीति

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पटना

महागठबंधन में मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री चेहरे की घोषणा हो गई। सीएम फेस बने तेजस्वी यादव चुनाव प्रचार में भी निकल गए। वह ताबड़तोड़ जनसभाएं कर रहे हैं। लेकिन, एक सवाल अब भी बना हुआ कि जिन सीटों पर राजद और कांग्रेस के प्रत्याशी आमने-सामने हैं, वहां पर कांग्रेस में नंबर वन की हैसियत वाले राहुल गांधी और राजद नेता तेजस्वी यादव किसके समर्थन में चुनाव प्रचार करेंगे? दूसरे चरण के चुनाव में चार विधानसभा सीटें ऐसी हैं जहां राजद और कांग्रेस के कार्यकर्ता एक-दूसरे के खिलाफ चुनावी मैदान हैं। वहीं दो सीटों में से एक पर राजद- वीआईपी और दूसरे पर कांग्रेस-सीपीआई आमने सामने है। आइए पहले इन सीटों के बारे में जानते हैं…

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सुल्तानगंज विधानसभा सीट

    यहां पर राजद के चंदन सिन्हा का मुकाबला कांग्रेस प्रत्याशी ललन यादव से है। वहीं एनडीए ने जदयू के उम्मीदवार ललित नारायण मंडल को चुनावी मैदान में उतारा है।

कहलगांव विधानसभा सीट

    यहां पर राजद के रजनीश भारती का मुकाबला कांग्रेस के प्रवीण कुशवाहा से है। वहीं एनडीए ने जदयू के उम्मीदवार शुभानंद मुकेश को चुनावी मैदान में उतारा है।

सिकंदरा विधानसभा सीट

    यहां पर राजद के उदयनारयण चौधरी का मुकाबला कांग्रेस के विनोद चौधरी से है। वहीं एनडीए ने हम के उम्मीदवार प्रफुल्ल मांझी को चुनावी मैदान में उतारा है।

नरकटियागंज विधानसभा सीट

    यहां पर राजद के दीपक यादव का मुकाबला कांग्रेस के शाश्वत केदार पांडेय से है। वहीं एनडीए ने भाजपा के संजय पांडेय को टिकट दिया है।

चैनपुर विधानसभा सीट

    यहां पर राजद के ब्रिज किशोर बिंद का मुकाबला वीआईपी के गोविंद बिंद से है। वहीं जदयू ने जमा खान को चुनावी मैदान में उतारा है।

करगहर विधानसभा सीट

    यहां पर कांग्रेस के संतोष मिश्रा का मुकाबला सीपीआई के महेंद्र गुप्ता से है। वहीं एनडीए ने जदयू के वशिष्ट सिंह को चुनावी मैदान में उतारा है।

फ्रेंडली फाइट वाली सीटों पर प्रचार से बचना चाहेंगे राहुल-तेजस्वी
राजनीतिक पंडितों का कहना है कि छठ के बाद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कांग्रेस के दिग्गज नेताओं का चुनाव प्रचार शुरू होने जा रहा है। जाहिर सी बात है कि यह लोग कांग्रेस और महागठबंधन के उम्मीदवारों के लिए चुनाव प्रचार करेंगे। तेजस्वी यादव ने 24 अक्तूबर से अपनी चुनावी प्रचार अभियान की शुरुआत कर दी है। अब तक वह फ्रेंडली फाइल वाली सीटों पर नहीं गए हैं। सूत्र बता रहे हैं कि राहुल और तेजस्वी फ्रेंडली फाइट वाली सीटों पर चुनाव प्रचार करने से बचना चाहेंगे। क्योंकि, अब तक इन सीटों पर इनके चुनाव प्रचार करने की बात सामने नहीं आई है।

गहलोत बोले- हमलोग मिलकर प्रचार करेंगे और चुनाव जीतेंगे
राजस्थान के पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि  महागठबंधन एकजुट होकर चुनाव लड़ रहा है। बिहार में कुल 243 सीटें हैं, और पांच-छह सीटों पर आपसी सहमति से 'फ्रेंडली फाइट' हो सकती है। हम मिलकर प्रचार करेंगे और चुनाव जीतेंगे। कहीं कोई दिक्कत नहीं है। सत्ता पक्ष के लोग अफवाह फैला रहे हैं, आपलोग उनकी बातों पर ध्यान न दें। महागठबंधन ने अपना सीएम फेस भी घोषित कर दिया है। लेकिन, एनडीए वालों ने अब तक नहीं किया है। भाजपा नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री नहीं बनाना चाहती है।

 

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