Home राज्य हेमंत सोरेन का केंद्र से आग्रह: नक्सल विरोधी मिशन में राज्य को...

हेमंत सोरेन का केंद्र से आग्रह: नक्सल विरोधी मिशन में राज्य को मिले आर्थिक राहत

46
0
Jeevan Ayurveda

रांची 
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (Hemant Soren)ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah)को एक पत्र भेजा है, जिसमें उन्होंने झारखंड सरकार पर केंद्रीय अर्धसैनिक बलों (CRPF) की तैनाती के संबंध में लंबित 13,299.69 करोड़ रुपये की राशि को समाप्त करने का अनुरोध किया है. झारखंड में नक्सल विरोधी अभियानों के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की तैनाती के बदले केंद्र सरकार ने राज्य सरकार से लंबित बकाया राशि के भुगतान का अनुरोध किया है. इस संदर्भ में मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री को पत्र लिखकर इस राशि के निपटारे की मांग की है.

मुख्यमंत्री ने पत्र में उल्लेख किया है कि झारखंड में नक्सल विरोधी अभियानों के लिए सीआरपीएफ की बड़ी संख्या में तैनाती की गई है. इस तैनाती की लागत का एक बड़ा भाग राज्य सरकार पर आ रहा है, जिसके कारण ₹13,299 करोड़ की देनदारी उत्पन्न हो गई है. राज्य ने इस स्थिति को कई बार चुनौतीपूर्ण बताया है.

Ad

400 से भी अधिक जवान हुए शहीद

सीएम ने बताया कि झारखंड राज्य के गठन के समय से ही नक्सलवाद एक गंभीर समस्या रही है. राज्य सरकार नक्सल उन्मूलन के लिए उपलब्ध संसाधनों और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के सहयोग से सक्रिय रूप से अभियान चला रही है, जिसके परिणामस्वरूप उग्रवादी गतिविधियों में कमी आई है. इस अभियान के दौरान अब तक 400 से अधिक पुलिस अधिकारी और जवान शहीद हो चुके हैं, जो अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए जान गंवा चुके हैं.

उग्रवाद को जड़ से मिटाना राज्य-केंद्र की जिम्मेदारी

उग्रवाद की समस्या का समाधान करना राज्य और केंद्र सरकार की साझा जिम्मेदारी है. कोविड-19 महामारी के बाद, राज्य सरकार आर्थिक पुनरुत्थान, आपदाओं से निपटने और जन-कल्याणकारी योजनाओं के सफल कार्यान्वयन में लगी हुई है. सीमित संसाधनों के कारण राज्य पर वित्तीय दबाव बढ़ गया है, और यदि सीएपीएफ की तैनाती के लिए लंबित राशि का भुगतान किया जाता है, तो इससे राज्य पर और अधिक वित्तीय बोझ पड़ेगा, जो विकास योजनाओं को प्रभावित कर सकता है.

सहकारी संघवाद का हवाला

सोरेन ने अपने पत्र में सहकारी संघवाद का उल्लेख करते हुए नक्सल उन्मूलन अभियान के लिए केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती से जुड़े प्रतिधारण शुल्क को सहकारी संघवाद के सिद्धांत के अनुसार पूरी तरह से माफ करने की मांग की है. उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें विश्वास है कि गृह मंत्री का सकारात्मक दृष्टिकोण और सहयोग राज्य की जनता को मिलेगा, जिससे राज्य अपनी आर्थिक चुनौतियों का सामना करने में सक्षम होगा.

Jeevan Ayurveda Clinic

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here