Home मध्य प्रदेश 2028 सिंहस्थ महाकुंभ मेंअलग से नहीं होगा कोई भी वीआईपी घाट, आ...

2028 सिंहस्थ महाकुंभ मेंअलग से नहीं होगा कोई भी वीआईपी घाट, आ सकते हैं 14 करोड़ से अधिक श्रद्धालु

58
0
Jeevan Ayurveda

उज्जैन

मध्य प्रदेश की धार्मिक राजधानी उज्जैन में वर्ष 2028 में सिंहस्थ महाकुंभ लगेगा। वैसे इसके लिए अभी तीन वर्ष का समय है, लेकिन सरकार ने प्रयागराज महाकुंभ को देखकर कई सीख ली है। इसी के चलते उज्जैन के लिए खास तैयारियां शुरू हो गई हैं। उज्जैन में शिप्रा के दोनों किनारे पर बनाए जाने वाले नए 29 किमी सहित कुल सभी 35 किमी लंबे घाटों को रामघाट के रूप में ही प्रचारित किया जाएगा। यहां अगल से कोई भी वीआईपी घाट नहीं बनाया जायेगा।

Ad

उज्जैन सिंहस्थ को लेकर रूपरेखा तैयार पूरी कर ली गई है, अब बस सीएम की हरी झंडी का इंतजार है। उज्जैन के प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल बयान देते हुए कहा कि सिंहस्थ की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। उन्होंने कहा कि उज्जैन का हर घाट रामघाट होगा। मुख्यमंत्री ने इस संबंध में दिशा निर्देश जारी किए हैं।

ऐसा अनुमान लगया जा रहा है कि सिंहस्थ में 14 करोड़ से अधिक श्रद्धालु आ सकते हैं। ऐसे में हर दिन सिंहस्थ मेला क्षेत्र में 740 टन कचरा उत्पन्न होने का अनुमान है। इसे नियंत्रित करने के लिए 50 हजार बायो-टॉयलेट भी बनाए जाएंगे।

गैरजरूरी कामों के प्रस्ताव नहीं बनाएं कलेक्टर बैठक के पहले चरण में उज्जैन को छोड़ आसपास के जिलों के प्रस्तावों पर भी चर्चा की गई। इसमें डॉ. राजौरा ने कलेक्टरों को स्पष्ट किया कि नए निर्माण कार्यों के प्रस्तावों को श्रद्धालुओं की व्यवस्थाओं को ध्यान रख ही बनाएं। यानी गैर जरूरीकामों के प्रस्ताव नहीं बनाएं।

किसी भी घाट को वीआईपी नाम नहीं दें, ताकि ज्यादा भीड़ केवल उसी दिशा जाने का प्रयास नहीं करें। बैठक की अध्यक्षता जिले के प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल ने की। उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने को कहा। मंत्री ने कहा कि काम ऐसे होने चाहिए कि वे बाद वाले सिंहस्थ में भी उपयोगी हों। अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा ने सिंहस्थ के लिए एक विस्तृत मास्टर प्लान तैयार करने के निर्देश दिए।

निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर रहेगा विशेष जोर

मंत्री गौतम टेटवाल ने कहा कि निर्माण कार्य केवल इस एक सिंहस्थ तक सीमित न रहें, बल्कि वे भविष्य के सिंहस्थ आयोजनों में भी उपयोगी साबित हों। इसी दिशा में निर्देश दिया गया कि निर्माण कार्य स्थायी और गुणवत्तायुक्त हों। इसके लिए अच्छी सामग्री का इस्तेमाल करने पर ज़ोर दिया जाएगा।

मास्टर प्लान तैयार होगा

अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सिंहस्थ 2028 के लिए एक विस्तृत मास्टर प्लान तैयार किया जाए, जिसमें भीड़ प्रबंधन, यातायात, घाटों की व्यवस्था, जल-प्रबंधन और आपदा सुरक्षा की दृष्टि से सभी पहलुओं को शामिल किया जाए।

Jeevan Ayurveda Clinic

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here