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यूपी की दीदियों की सफलता की कहानी, महिला सशक्तीकरण का मॉडल सीखेगा पूरा देश

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योगी सरकार की पहल को मिल रही मजबूती, यूपी की दीदियों की सफलता से सीखेगा पूरा देश

महिला एफपीओ के कामकाज को समझने मिर्जापुर पहुंचे केंद्र सरकार के अधिकारी

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विंध्य मार्ट में महिला उद्यमियों से समझी बारीकियां, कृषि उत्पादों के विपणन से लेकर जैव उर्वरक उत्पादन तक में 1,221 महिला शेयरधारक निभा रहीं भूमिका

योगी सरकार में ग्रामीण महिलाओं को उद्यमिता से जोड़ने की सफल कोशिश, हर सदस्य को लखपति दीदी बनाने की रणनीति पर जोर

लखनऊ, 
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में ग्रामीण आजीविका को मजबूत बनाने, महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और स्वयं सहायता समूहों को उद्यमिता से जोड़ने के प्रयासों के बीच मिर्जापुर की छनवर एग्रो किसान उत्पादक संगठन महिला सशक्तीकरण की एक मिसाल बनकर उभर रही है। छानबे विकासखंड में महिला किसानों के नेतृत्व में संचालित इस कंपनी से अब तक 1,221 महिला शेयरधारक जुड़ चुकी हैं। कंपनी कृषि उत्पादों के विपणन से लेकर अन्य व्यवसायों के माध्यम से महिलाओं की आय बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है।

इसी मॉडल को समझने के लिए गत दिनों केंद्र सरकार के कैबिनेट सचिवालय के अतिरिक्त सचिव सौरभ कुमार तिवारी आए। उन्होंने महिला किसानों के नेतृत्व, सामूहिक निर्णय प्रक्रिया, बाजार से जुड़ाव, व्यावसायिक विस्तार और ग्रामीण आजीविका से जुड़े नवाचारों की जानकारी ली। साथ ही महिला किसान उत्पादक कंपनी के संस्थागत विकास और उसकी कार्यप्रणालियों को भी समझा। इस अवसर पर जिलाधिकारी पवन कुमार, नेशनल सेंटर फॉर गुड गवर्नेंस (NCGG) के युवा पेशेवर गणेश महालावत, उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (UPSRLM) के प्रतिनिधि राजीव कुमार त्रिपाठी, उप जिलाधिकारी सदर महेंद्र सिंह, उपायुक्त (स्वतः रोजगार) रमाशंकर सिंह, खंड विकास अधिकारी रामपाल, डीएमएम सरोज पांडेय और ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया (TRI) की टीम मौजूद रही। 

वर्ष 2022-23 में स्थापित इस कंपनी की महिला निदेशकों और शेयरधारक किसानों ने भविष्य की योजनाओं के बारे में बताया। इसके बाद कंचन गुप्ता, कविता राही, शालिनी दुबे और अन्य बोर्ड सदस्यों ने महिला किसानों द्वारा चलाई जा रही व्यावसायिक गतिविधियों की जानकारी दी। महिला निदेशकों ने गेहूं की खरीद और आपूर्ति से जुड़ा अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि वे 25 मीट्रिक टन गेहूं की आपूर्ति भी कर चुकी हैं।

विविध व्यवसायों से आर्थिक आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहीं महिलाएं

ये महिलाएं उपज एकत्रीकरण, विपणन, कस्टम हायरिंग सेंटर, कृषि अवशेष प्रबंधन और जैव उर्वरक उत्पादन जैसी गतिविधियां संचालित कर रही हैं। कृषि उत्पादक संगठन ने वर्तमान में लगभग 10.5 लाख रुपये का व्यावसायिक मार्जिन अर्जित किया है, जो वार्षिक संचालन व्यय से अधिक है। महिला निदेशकों ने सदस्य से प्रोड्यूसर ग्रुप, किसान उत्पादक संगठन और राज्य स्तरीय महासंघ तक के संस्थागत ढांचे की जानकारी भी दी। उन्होंने विकेंद्रीकृत योजना निर्माण, प्रत्येक सदस्य को 'लखपति दीदी' बनाने की रणनीति और कृषि उत्पादों की मूल्य श्रृंखला को मजबूत करने के प्रयासों के बारे में भी बताया। ग्रामीण महिलाओं को केवल आजीविका गतिविधियों तक सीमित रखने के बजाय उन्हें व्यवसाय के संचालन, बाजार से जुड़ाव और सामूहिक आर्थिक निर्णयों में भागीदार बनाने का यह प्रयास ग्रामीण अर्थव्यवस्था में उनकी भूमिका को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।

विंध्य मार्ट से स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने और महिला उद्यमिता को बढ़ावा

अतिरिक्त सचिव सौरभ कुमार तिवारी ने जिलाधिकारी पवन कुमार के साथ मां विंध्यवासिनी परिसर में स्वयं सहायता समूहों द्वारा संचालित विंध्य मार्ट को भी देखा। यहां उन्होंने स्थानीय महिला उद्यमियों से बातचीत की। उन्होंने स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने और महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए जिला प्रशासन के प्रयासों की सराहना की। साथ ही मिर्जापुर में वन प्रिया योजना के विस्तार, सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई प्रणाली, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और जलवायु अनुकूल ग्रामीण विकास के लिए विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की संभावनाओं पर जानकारी ली।

महिला किसान उद्यमिता का मॉडल

महिला किसान उत्पादक कंपनियां केवल कृषि उत्पादों की खरीद-बिक्री का माध्यम नहीं हैं, बल्कि महिलाओं की कृषक पहचान, स्वामित्व, नेतृत्व, सामूहिक उद्यमिता और आर्थिक सशक्तीकरण को बढ़ावा देने का जरिया भी हैं। सामुदायिक संस्थाओं, जिला प्रशासन, उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन और ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया के सहयोग से विकसित महिलाओं का यह प्रयोग प्रदेश के अन्य क्षेत्रों के लिए रोल मॉडल है। महिला किसानों की गतिविधियां ग्रामीण महिलाओं को संगठित कर उन्हें कृषि व्यवसाय, बाजार और आर्थिक निर्णय प्रक्रिया से जोड़ने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। महिला नेतृत्व में एफपीओ के अंतर्गत जैविक खाद उत्पादन के साथ ही बीज, कीटनाशी, कैटल फीड तथा  धान एवं गेहूं खरीद एवं बिक्री आदि का व्यापार किया जाता है।

विंध्य धाम प्रसादम बॉक्स में निम्न सामग्री उपलब्ध रहती है-

पूजा सामग्री, फूल माला, माता की चुनरी, बनारसी साड़ी, लाल पेड़ा, विभिन्न अचार, मुरब्बा, कालीन सामग्री, धूप अगरबत्ती, बम्बू आइटम्स, मिक्स मेवा, मिट्टी का दीया आदि ।

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