रांची
महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार को बढ़ावा देने की दिशा में बुधवार को नगड़ी प्रखंड से राज्य की महत्वाकांक्षी ‘एग कार्ट योजना’ का शुभारंभ किया गया।
नगड़ी प्रखंड परिसर में नगड़ी आजीविका महिला संकुल स्तरीय स्वावलंबी सहकारी समिति के माध्यम से प्रदान संस्था एवं नेशनल कोऑर्डिनेशन कमेटी (एनसीसी) के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में चयनित पांच महिला लाभुकों को निःशुल्क एग कार्ट एवं आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराए गए।
इस दौरान लाभुकों के साथ एग कार्ट संचालन के लिए औपचारिक एकरारनामा (एग्रीमेंट) भी संपन्न कराया गया। कार्यक्रम के दौरान अतिथियों ने कहा कि यह योजना केवल महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की पहल नहीं, बल्कि उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने का सशक्त माध्यम है।
योजना के जरिए महिलाएं एग कार्ट के माध्यम से अंडा आधारित विभिन्न व्यंजन तैयार कर बिक्री करेंगी। इससे एक ओर उनकी नियमित आय सुनिश्चित होगी तो दूसरी ओर आम लोगों के बीच पौष्टिक आहार के रूप में अंडे के महत्व के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी।
फ्री में दिया गया 50 हजार का कार्ट
योजना के तहत प्रत्येक चयनित महिला लाभुक को लगभग 50 हजार रुपये (जीएसटी सहित) की लागत से तैयार आधुनिक एग कार्ट एवं आवश्यक रसोई सामग्री निःशुल्क उपलब्ध कराई गई। इसमें करीब 35 हजार रुपये का अत्याधुनिक एग कार्ट तथा लगभग 15 हजार रुपये के बर्तन, गैस चूल्हा और अन्य आवश्यक उपकरण शामिल हैं।
कार्ट को इस प्रकार डिजाइन किया गया है कि लाभुक महिलाएं बाजार, चौक-चौराहों एवं सार्वजनिक स्थलों पर आसानी से अपना व्यवसाय संचालित कर सकें।
मौक़े पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारी ने संयुक्त रूप से लाभार्थियों लक्ष्मी देवी, सुषमा आइंद, पुष्पा देवी, किरण देवी एवं सुनीता कच्छप को प्रमाण पत्र प्रदान करते एग कार्ट देकर सम्मानित किया।
मौके पर जिला परिषद सदस्य पूनम देवी ने कहा कि सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार नई योजनाएं लागू कर रही है। एग कार्ट योजना महिलाओं की आय बढ़ाने के साथ-साथ उनके आत्मविश्वास को भी मजबूत करेगी।
24 जिलों से होगी शुरुआत
वहीं, प्रखंड प्रमुख मदुवा कच्छप एवं प्रखंड विकास पदाधिकारी दीपाली भगत ने लाभुकों से पूरे मनोयोग के साथ व्यवसाय संचालित करने तथा अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बनने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में बताया गया कि फिलहाल योजना की शुरुआत झारखंड के चयनित जिलों से की गई है। प्रारंभिक चरण की सफलता के बाद इसे चरणबद्ध तरीके से राज्य के सभी 24 जिलों में लागू किया जाएगा।
योजना का लाभ स्वयं सहायता समूहों की सक्रिय, आर्थिक रूप से कमजोर तथा कम-से-कम दसवीं उत्तीर्ण उन महिलाओं को दिया जा रहा है, जो स्वरोजगार के माध्यम से अपनी आजीविका सुदृढ़ करना चाहती हैं।
मौक़े पर लाभुक महिलाओं ने सरकार एवं सहयोगी संस्थाओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना उनके लिए सम्मानजनक स्वरोजगार का माध्यम बनेगी और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी
ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में बीपीएम सुखदेव लोहरा, ब्रजेश, प्रदान संस्था से सुकांत कर्मकार, रूमा, विकास, धीरज, आदर्श, जीशान, नगड़ी सीएलएफ की अध्यक्ष अनीता देवी ईसी सदस्य सुनीता देवी, संगीता देवी, शांता खलखो, अर्चना देवी, संध्या देवी सहित सीएलएफ की कई सदस्य सहित स्वयं सहायता समूह की महिलाएं तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।









