Home राज्य कुसुम योजना के तहत लोन प्रक्रिया सरल करने पर डिस्कॉम्स की बैठक

कुसुम योजना के तहत लोन प्रक्रिया सरल करने पर डिस्कॉम्स की बैठक

3
0
Jeevan Ayurveda

लखनऊ
पीएम-कुसुम (प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाअभियान) योजना के तहत सौर ऊर्जा परियोजनाओं के क्रियान्वयन की गति बढ़ाने के लिए राजस्थान डिस्कॉम्स ने महत्वपूर्ण पहल की है। इसके अन्तर्गत डिस्कॉम्स चेयरमैन एवं जयपुर विद्युत वितरण निगम की प्रबंध निदेशक सुश्री आरती डोगरा ने ऋण लेने में आ रही व्यावहारिक दिक्कतों और बाधाओं को दूर करने के लिए बैंकिंग संस्थानों के प्रतिनिधियों तथा सोलर पावर डवलपर्स के साथ बुधवार को विद्युत भवन में बैठक की।

इस दौरान चेयरमैन डिस्कॉम्स ने कहा कि पीएम-कुसुम भारत सरकार द्वारा प्रायोजित राष्ट्रीय महत्व की योजना है। इसका उद्देश्य ऊर्जा के क्षेत्र में किसानों को आत्मनिर्भर बनाना और कृषि में हरित ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देना है। ऐसे में इस योजना की सफलता में बैंकों की भूमिका महत्वपूर्ण है।

Ad

लोनिंग की प्रक्रिया को सरल बनाएं
डिस्कॉम्स चेयरमैन ने बैंकिंग संस्थानों के प्रतिनिधियों से कहा कि वे सोलर पावर डवलपर्स के ऋण आवेदनों पर सकारात्मक रुख अपनाएं। उन्होंने कहा कि बैंक अपनी आवश्यक औपचारिकताएं और प्रक्रिया जरूर पूर्ण करें, लेकिन पात्र आवेदकों को जटिल लोन मिलने में बेवजह देरी न हो। प्रक्रिया को जितना हो सके सुगम और त्वरित बनाया जाए ताकि पात्र डवलपर्स को समय पर वित्तीय मदद मिल सके। इससे प्लांट्स के स्थापित होने की रफ्तार और तेज होगी।

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री कुसुम योजना में राजस्थान देश का अग्रणी राज्य है। प्रदेश में कुसुम कम्पोनेंट-ए एवं कम्पोनेंट-सी में 4468 मेगावाट के 2034 प्लांट स्थापित किए जा चुके हैं।

अब हर महीने जोनल स्तर पर लगेंगे शिविर
बैठक में निर्णय किया गया कि अब जुलाई माह से प्रत्येक माह निगम के जोनल स्तर पर शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों में बैंकों के प्रतिनिधि, सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने के लिए ऋण आवेदन करने वाले डवलपर्स तथा डिस्कॉम के अधिकारियों की उपस्थिति में ऋण आवेदनों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करेंगे।

बैठक में डवलपर्स ने कोलैटरल सिक्योरिटी, लीज रजिस्ट्रेशन, म्यूटेशन, खाता विभाजन, राइट ऑफ वे आदि प्रक्रियाओं के कारण लोन मिलने में आ रही अपनी व्यावहारिक समस्याएं बताईं। बैंकिंग प्रतिनिधियों ने कहा कि कई बार डवलपर्स के स्तर से भी आवश्यक औपचारिकताओं को पूरा करने की अनदेखी की जाती है। इस कारण ऋण स्वीकृति में स्वाभाविक रूप से विलम्ब होता है।

सुश्री डोगरा ने बैंक प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे कुसुम योजना के विशिष्ट मॉडल को ध्यान में रखते हुए लोन की शर्तों में व्यावहारिक लचीलापन लाएं। बैंकिंग संस्थानों के अधिकारियों ने चेयरमैन को आश्वस्त किया कि वे योजना के महत्व को समझते हुए ऋण प्रक्रिया को और अधिक सरल बनाएंगे तथा लंबित आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करेंगे।

Jeevan Ayurveda Clinic

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here