Home राज्य शिक्षा विभाग की बड़ी तैयारी: सरकारी स्कूल बनेंगे ‘स्टडी हब’, छात्रों को...

शिक्षा विभाग की बड़ी तैयारी: सरकारी स्कूल बनेंगे ‘स्टडी हब’, छात्रों को मिलेगी अतिरिक्त पढ़ाई

3
0
Jeevan Ayurveda

पटना

 बिहार के सरकारी स्कूलों को लेकर शिक्षा विभाग ने बड़ा बदलाव करने की तैयारी शुरू कर दी है। अब स्कूलों में सिर्फ नियमित पढ़ाई ही नहीं होगी, बल्कि शाम के समय विशेष कोचिंग क्लास भी चलाई जाएगी।

Ad

इन कक्षाओं में उसी स्कूल के छात्रों को अतिरिक्त पढ़ाई कराई जाएगी ताकि उन्हें प्रतियोगी माहौल और बेहतर तैयारी का अवसर मिल सके।

शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने पटना में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि सरकार सरकारी स्कूलों को नए मॉडल में विकसित करना चाहती है।

इसके तहत निजी कोचिंग पर निर्भरता कम करने और छात्रों को स्कूल परिसर में ही बेहतर शैक्षणिक सहायता देने की योजना तैयार की जा रही है।

छात्रों और अभिभावकों की राय के बाद शुरू होगी व्यवस्था
सरकार इस योजना को सीधे लागू करने के बजाय पहले छात्रों और अभिभावकों से राय लेगी। उनकी जरूरत और सुविधा को ध्यान में रखते हुए स्कूलों में कोचिंग क्लास शुरू की जाएगी।

विभाग का मानना है कि इससे गरीब और ग्रामीण परिवारों के बच्चों को सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा।

सबसे खास बात यह है कि इन विशेष कक्षाओं में पढ़ाने वाले शिक्षकों को अलग से इंसेंटिव दिया जाएगा।

यानी स्कूल समय के बाद अतिरिक्त पढ़ाई कराने वाले शिक्षकों को आर्थिक प्रोत्साहन भी मिलेगा। इससे शिक्षकों की भागीदारी बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।

जर्जर और भवनहीन स्कूलों पर भी सरकार का फोकस
शिक्षा विभाग सिर्फ पढ़ाई व्यवस्था तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि स्कूलों के बुनियादी ढांचे को भी सुधारने की तैयारी में है। सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों से जर्जर और भवनहीन स्कूलों की सूची मांगी गई है।

सूची मिलने के बाद निर्माण और मरम्मत का काम शुरू किया जाएगा।
मुजफ्फरपुर में बेंच-डेस्क खरीद में कथित गड़बड़ी को लेकर पूछे गए सवाल पर मंत्री ने साफ कहा कि मामले की जांच होगी और दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। विभाग पारदर्शिता के साथ काम करना चाहता है।

पुराने छात्रों को स्कूल से जोड़ने की नई तैयारी
सरकार “हमारा विद्यालय, हमारा स्वाभिमान” नाम से नया अभियान शुरू करने जा रही है।

इस योजना के तहत उन पूर्व छात्रों को उनके पुराने स्कूलों से जोड़ा जाएगा जिन्होंने अलग-अलग क्षेत्रों में पहचान बनाई है।

सरकार चाहती है कि सफल पूर्व छात्र अपने स्कूल के विकास में योगदान दें और जरूरत पड़ने पर स्कूल को गोद भी लें। शिक्षा मंत्री ने खुद भी अपने पुराने स्कूल को गोद लेने की इच्छा जताई है।

बिहार दिवस के मौके पर योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित करने की भी योजना है।

शिकायतों पर अब होगी डिजिटल निगरानी
शिक्षा विभाग में आने वाली शिकायतों और पत्रों की ट्रैकिंग अब डिजिटल तरीके से होगी। इसके लिए 'स्मार्ट लेटर प्रणाली' विकसित की जा रही है।

इस सिस्टम के जरिए हर शिकायत की मॉनिटरिंग और समय सीमा के भीतर निपटारा सुनिश्चित करने की तैयारी है।

विभाग का कहना है कि एक ही मामले में बार-बार अलग-अलग पत्र जारी करने की पुरानी व्यवस्था खत्म की जाएगी। इससे कामकाज में तेजी और पारदर्शिता दोनों बढ़ेंगी।
निजी स्कूलों और ट्रांसफर नीति में भी बदलाव की तैयारी

शिक्षा मंत्री ने संकेत दिए कि निजी स्कूलों को एनओसी देने की प्रक्रिया में भी बदलाव किया जा सकता है।

नए नियमों के तहत निजी स्कूलों की समय-समय पर निगरानी की व्यवस्था बनाई जाएगी।

इसके साथ ही शिक्षकों के तबादले के लिए नई नीति लाने की तैयारी चल रही है।

सरकार नई शिक्षा नीति को तेजी से लागू करने और बिहार को फिर से शिक्षा का मजबूत केंद्र बनाने के लक्ष्य पर काम कर रही है।

Jeevan Ayurveda Clinic

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here