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पेरू में तत्काल चुनाव कराने की मांग ने फिर जोर पकड़ा

पेरू के ग्रामीण इलाकों में तत्काल चुनाव की मांग को लेकर फिर से जोरदार प्रदर्शन हुआ। सुरक्षाबलों और प्रर्दशनकारियों के बीच बोलीविया की सीमा के पास जुलियाका शहर में एक हवाई अड्डे पर नियंत्रण के प्रयास करने के दौरान हिंसक झड़प हुई। हिंसक प्रर्दशन में कम से कम 13 लोंगों ने अपनी जान गंवा दी।

जिसको देखते हुए पेरू की शीर्ष मानवाधिकार एजेंसी ने मौतों की जांच का आह्वान किया है। पेरू में दिसंबर की शुरूआत से ही कैस्टिलो को हटाने और कांग्रेस को भंग करने के लिए हिंसक प्रर्दशन जारी है। लेकिन पिछले माह के प्रर्दशन के मुकाबले कल हुई मौते सबसे ज्यादा अधिक थी।

डीना बोलुआर्टे ने की जांच की मांग

समाचार रिपोर्टों के अनुसार, जुलियाका में मारे गए 12 लोगों में एक 17 साल के नाबालिग व्यक्ति की मौत हुई है। कल के प्रर्दशन में 13वें व्यक्ति की मौत पास के शहर चुकुइटो में हुई है जहां प्रदर्शनकारियों ने राजमार्ग को जाम कर दिया था। डीना बोलुआर्टे ने राष्ट्रपति और कांग्रेस के लिए 2024 के चुनावों को आगे बढ़ाने की योजना का समर्थन किया है।

हालांकि यह चुनाव मूल रूप से 2026 के लिए निर्धारित किए गए थे। बता दें कि बोलुआर्टे ने हिसंक प्रर्दशन की न्यायिक जांच के लिए भी समर्थन व्यक्त किया जिसमें उन्होंने कहा है कि हमें यह जांच करने की जरूरत है कि क्या सुरक्षा बलों ने अत्यधिक बल के साथ काम किया। लेकिन अब इस तरह के कदम पेरू में फैली अशांति को कम करने में विफल साबित हो रहे हैं।

हिंसक प्रर्दशन में अब तक 34 की मौत

सोमवार को पेरू के लगभग 13% प्रांतों में विरोध प्रदर्शन की सूचना मिली थी। विरोध प्रर्दशन की वजह से ट्रक चालकों के लिए बाजार में उपज पहुंचाना असंभव हो गया था। सोमवार के हताहतों के साथ, सुरक्षा बलों के साथ संघर्ष में मरने वालों की संख्या बढ़कर 34 हो गई है। तो वहीं सैकड़ों अन्य घायल हो गए हैं, हालांकि अस्पतालों में घायलों का इलाज किया जा चुका है।

बोलुआर्टे की सरकार ने पूर्व राष्ट्रपति पर साधा निशाना

बोलुआर्टे की सरकार ने बोलीविया के पूर्व राष्ट्रपति इवो मोरालेस पर देश में अशांति फैलाने का आरोप लगाया है। अधिकारियों ने सोमवार को एक आदेश जारी कर वामपंथी नेता को राष्ट्रीय सुरक्षा के आधार पर देश में प्रवेश करने पर भी रोक लगा दी है। अधिकारियों ने कहा कि मोरालेस के आठ सहयोगियों जिन पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया था।

उनहोंने हाल ही में दोनों देशों को अलग करने वाले सीमा क्षेत्र में विरोध गतिविधि का जायजा करने के लिए पेरू की यात्रा की थी।

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